स्वास्थ्य

भारत में भी कोरोना का नया वेरिएंट जेएन.1 का कहर, सक्रिय मामलों में तेजी

जेएन.1 पहली बार अगस्त में लक्ज़मबर्ग में पाया गया था और अब तक करीब 41 देशों में पहुंच चुका है, जिनमें भारत भी शामिल है.

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Dec 23, 2023
Covid-19 subvariant JN.1
Covid-19 subvariant JN.1

जेएन.1 पहली बार अगस्त में लक्ज़मबर्ग में पाया गया था और अब तक करीब 41 देशों में पहुंच चुका है, जिनमें भारत भी शामिल है.

इसके तेजी से फैलने के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अलग वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) घोषित किया है. पहले इसे BA.2.86 सब-लाइनएज का ही हिस्सा माना जाता था.

WHO ने चिंता जताई है कि जेएन.1 कई देशों में सांस की बीमारियों को बढ़ा सकता है.

भारत में भी इसका असर दिख रहा है. शनिवार को देश में कोरोना के 752 नए मामले दर्ज किए गए, जो 21 मई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. सक्रिय मामलों की संख्या भी बढ़कर 3,420 हो गई है.

भारत में अभी तक सिर्फ 22 जेएन.1 मामले पाए गए हैं (21 गोवा से और 1 केरल से).

जेएन.1, BA.2.86 का ही एक उप-वंश है और इसकी पहली पहचान 25 अगस्त 2023 को हुई थी. BA.2.86 की तुलना में, जेएन.1 स्पाइक प्रोटीन में अतिरिक्त L455S म्यूटेशन के कारण ज्यादा तेजी से फैलता है.

हालांकि, अभी तक इस वेरिएंट से किसी नए या असामान्य लक्षण की सूचना नहीं मिली है. अब तक बताए गए लक्षण ज्यादातर ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण से जुड़े हैं.

अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, अलग-अलग कोरोना वेरिएंट के लक्षणों में बदलाव लोगों की प्रतिरक्षा पर निर्भर करता है. ये वैक्सीन लगने, पुराने संक्रमणों या दोनों के कारण हो सकते हैं.

कोच्चि के अमृता अस्पताल में संक्रामक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपू टीएस ने बताया कि जेएन.1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान, नाक बंद होना, बहती नाक, दस्त और सिरदर्द शामिल हैं.

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के जोनाथन मेलोर ने कहा कि चूंकि इन्फ्लूएंजा और RSV जैसे अन्य मौसमी श्वसन रोग भी फैल रहे हैं, इसलिए ये लक्षण किसके कारण हैं ये तभी पता चल सकता है जब लोग विशेष रूप से कोरोना या अन्य संक्रमणों के लिए टेस्ट कराएं.

CDC के अनुमान के मुताबिक अमेरिका में अब 44 फीसदी मामले जेएन.1 के हैं.

CDC ने शुक्रवार को कहा, "जेएन.1 का लगातार बढ़ना बताता है कि यह वेरिएंट अन्य वेरिएंट की तुलना में या तो ज्यादा संक्रामक है या हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली से बच निकलने में ज्यादा सक्षम है. अभी यह कहना मुश्किल है कि जेएन.1 संक्रमण या अस्पताल में भर्ती के मामलों को कितना बढ़ाएगा."

Updated on:
23 Dec 2023 05:38 pm
Published on:
23 Dec 2023 05:36 pm