स्वास्थ्य

कम रिस्क के साथ जन्म लेने वाले बच्चे को नहीं पड़ती है एंटी बायोटिक्स की जरुरत

क्या आप जानते हैं कि जो बच्चे बचपन से स्वस्थ होते हैं और कम रिस्क के साथ जन्म लेते हैं उन्हें एंटीबायोटिक देने की इतनी खास जरूरत नहीं होती है।
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Updated: 14 Jan 2022, 7:46 PM IST
Infants with Low-Risk Deliveries Should Not Need Antibiotics
कम रिस्क के साथ जन्म लेने वाले बच्चे को नहीं पड़ती है एंटी बायोटिक्स की जरुरत

आज के इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार में बताने जा रहे हैं कि क्या हर बच्चे के लिए एंटीबायोटिक उतना ही जरूरी है । साथ ही हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि जो बच्चे बचपन से ही स्वस्थ जन्म लेते हैं। या फिर जिनकी क्रिटिकल बर्थ नहीं होती है उन्हें एंटीबायोटिक की कितनी जरूरत है। हम आपको बताएंगे कि ऐसे में बच्चे कि सेहत का कैसे ख्याल रखना चाहिए । क्या उसे एंटीबायोटिक दिलवाना चाहिए या नहीं।

एंटीबायोटिक कितना सही कितना गलत

रिसर्च के हिसाब से हमारे शरीर में मौजूद माइक्रोबायोम की संरचना इस तरह होती है जो बचपन में इम्युनिटी, मेटाबोलिज्म और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गौरतलब है कि माइक्रोबायोम हमारे शरीर में मौजूद वो खरबों सूक्ष्मजीव होते हैं जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से लाभदायक होते हैं।एंटीबायोटिक्स का ज्यादा उपयोग न चाहते हुए भी शरीर में एंटीबायोटिक रेसिस्टेन्स बैक्टीरिया के विकास का कारण बन जाता है।

अधीक एंटीबायोटिक का प्रयोग नुकसान देह

अगर अधिक एंटीबायोटिक्स का प्रयोग किया जाता है तो वो बच्चों के इम्यून सिस्टम और मानसिक विकास पर असर डालता है। एंटीबायोटिक्स का प्रयोग शरीर में मौजूद माइक्रोबायोम पर असर डालता है, जो आगे चलकर कई अन्य समस्याओं का कारण बन जाता है।


इसलिए कहा जाता है कि यदि किसी बच्चे का जन्म नॉर्मल हुआ हो या उसमें क्रिटिकल सिचुएशन ना आए हो और बच्चा स्वस्थ रहा हो तो उसे अधिक एंटीबायोटिक देने से बचें।


बच्चों को जितनी कम उम्र में एंटीबायोटिक्स दवाएं दी जाती हैं उनमें उतना ही ज्यादा खतरा बढ़ता जाता है। विशेष रूप से जब जन्म के शुरुवाती 6 महीनों में बच्चों को एंटीबायोटिक्स किया जाता है, तो वो ज्यादा खतरनाक होता है।


डब्लूएचओ के मुताबिक

डब्लूएचओ के मुताबिक, बिना जरूरत के एंटीबायोटिक दवाई लेने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध में वृद्धि होती है, जो कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। लंबे समय तक एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण से मरीज को अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है। साथ ही इलाज के लिए अधिक राशि और बीमारी गंभीर होने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
14 Jan 2022, 7:46 PM IST
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