Inflammation : पुरानी बीमारियों जैसे मधुमेह, हृदय रोग, और मोटापे के साथ-साथ कम व्यायाम और अस्वास्थ्यकर आहार आपके शरीर के सूजन (Inflammation) के स्तर को बढ़ा सकते हैं और संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम में योगदान कर सकते हैं, इसकी वैश्विक विभाग मंत्रिमंडल के अनुसार दो सूजनों के कारण बन सकते हैं।
Inflammation : पुरानी बीमारियों जैसे मधुमेह, हृदय रोग, और मोटापे के साथ-साथ कम व्यायाम और अस्वास्थ्यकर आहार आपके शरीर के सूजन (Inflammation) के स्तर को बढ़ा सकते हैं और संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम में योगदान कर सकते हैं, इसकी वैश्विक विभाग मंत्रिमंडल के अनुसार दो सूजनों के कारण बन सकते हैं।
सूजन एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया हो सकती है जो किसी विषाणु संक्रमण, चोट, रोगजनकांग की वजह से होती है और इससे मानसिक कामकाज में भी कमी आ सकती है। सूजन में, शरीर की कोशिकाएं संक्रमण का मुकाबला करती हैं और इसे रोकती हैं। जब यह कोशिकाएं संक्रमण को मारती हैं, तो कुछ रसायन स्थानीय सूजन का कारण बन सकते हैं, जो दर्द या अन्य लक्षण उत्पन्न कर सकते हैं।
सूचना के अनुसार, इन्फ्लेमेशन (Inflammation) के समय शरीर की कोशिकाएं आपस में लड़ती हैं और संक्रमण का घर बनती हैं। इस प्रक्रिया में कुछ रसायन उत्पन्न होते हैं, जो आसपास की कोशिकाओं में प्रतिक्रिया का कारण बनते हैं। इससे इन्फ्लेमेशन उत्पन्न होती है, जिससे अक्सर दर्द या सूजन का संबंध होता है।
गुरुग्राम के न्यूरोइंटरवेंशन पारस हॉस्पिटल के समूह निदेशक राष्ट्रीय अध्यापक डॉ. विपुल गुप्ता ने यह स्पष्ट किया कि जीवनशैली के कारक भी अंतरभाव में योगदान कर सकते हैं। वे यह भी बताया कि शारीरिक गतिविधि का स्तर कम होना, तनाव, मोटापा, अनुद्यमित आहार जैसे - तैलीय, जंक फूड या प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन, नींद की कमी, वायु प्रदूषण, धूम्रपान और शराब का सेवन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
डॉ. विपुल गुप्ता ने कहा जब किसी को बुखार या संक्रमण होता है, जो बार-बार आता-जाता रहता है, तो उसे इन्फ्लेमेशन (Inflammation) कहा जाता है। यह रूप थोड़े समय के लिए बना भी रह सकता है। प्रमुख अध्ययनों से पता चलता है कि गठिया से पीड़ित रोगियों में, विशेषकर जो भारी होते हैं, चेतना में कमी या दिमागी कमी का खतरा ज्यादा होता है।
सर गंगा राम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट डॉ. विनस तनेजा ने बताया कि अत्यधिक प्रतिरोधक्षमता अथवा दीर्घकालिक संक्रमण के कारण मस्तिष्क के ऊतकों में सूजन न्यॉरोनल और संज्ञानात्मक गिरावट का हो सकता है।
विवेक श्रीवास्तव द्वारा बताया गया है कि जीवनशैली के कारक एकजुट अंगस्थली में जंग स्थिऱता को बढ़ा सकते हैं।