
फूड पॉइजनिंग के शिकार कर्नल दंपती, पत्रिका फोटो
उदयपुर में एक रिटायर्ड कर्नल और उनकी पत्नी की जान पर बन आई, जब उन्होंने लौकी की सब्जी खाई बनाई। एक निवाला मुंह में रखा ही था कि सब्जी के खराब स्वाद से दोनों आहत हो गए। फिर दोनों फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए और अस्पताल जाना पड़ा। एक निवाले से ही पति-पत्नी को गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया, अगर स्वाद में फर्क नहीं होता और पूरा खाना खा लेते तो जान जा सकती थी।
घटनाक्रम शहर के गोकुल विलेज क्षेत्र में रहने वाले कर्नल हेमन्त शर्मा और पत्नी के साथ हुआ। बताते हैं कि एक दिन पहले वे सवीना सब्जी मंडी से लौकी खरीद लाए थे। सात्विक जीवनचर्या के चलते बिना लहसून-प्याज और मसालों के ही सब्जी बनाई। दोनों ने एक निवाला ही मुंह में रखा था कि बेहद कड़वे स्वाद से बेचैन हो गए और खाना नहीं खा पाए। फिर दोनों की सेहत बिगड़ी और उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। हालत ऐसी हो गई कि दोनों को अस्पताल जाना पड़ा।
कर्नल दम्पती ने राजस्थान पत्रिका से वाकया साझा करते हुए कहा कि उन्होंने आम नागरिक की तरह सवीना मंडी से ताजा सब्ज़ियां खरीदी थी। सब्जी बनाई और खाने लगे। पहला निवाला ही कल्पना से भी ज्यादा खट्टा था। एक निवाले से ही पति-पत्नी को गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया।
डॉक्टर से उपचार लेने के बाद हालत सुधर पाई। कहा कि बाज़ार में बिक रही लौकी खाने से और भी लोग बीमार पड़े सकते हैं। संभव है कि कुछ लोग फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए गलत तरीके से केमिकल्स इस्तेमाल कर रहे हैं।
खाद्य कानून के मुताबिक प्राइमरी फूड के बजाय प्रोसेस्ड फूड की ही सैंपलिंग की जाती है। फूड लाइसेंस के दायरे में आने पर जांच की जाती है। ऐसे में खरीदार को चाहिए कि वे अपने नॉलेज और अनुभव से फुटकर खरीदारी करते समय सावधानी बरतें।
डॉ. अशोक आदित्य, सीएमएचओ, उदयपुर
Updated on:
28 Jan 2026 08:42 am
Published on:
28 Jan 2026 08:42 am
