Alcohol and Heart Attack : शराब पीने वालों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा? कितनी है सुरक्षित मात्रा: शराब पीने (Drinking alcohol) का हमारी सेहत पर गहरा असर पड़ता है, खासकर दिल की सेहत (heart health) पर। हार्ट अटैक का जोखिम शराब की मात्रा पर निर्भर करता है। एक महिला या पुरुष के लिए कितनी शराब पीना सुरक्षित है और कब यह खतरे की घंटी बन सकता है, यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है। आइए, इस पर विस्तार से समझते हैं।
Alcohol and Heart Attack : शराब पीने वालों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा? कितनी है सुरक्षित मात्रा रोज शराब पीने वालों के साथ-साथ कभी-कभी कम शराब पीने वालों को भी दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। शराब पीना कई बीमारियों की जड़ है। अधिक शराब के सेवन से उच्च रक्तचाप, मोटापा, स्ट्रोक, स्तन कैंसर, लिवर और किडनी डैमेज, और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। अगर आप शराब का सेवन कर रही हैं, तो इन खतरों से अवगत रहना बहुत जरूरी है। आइए, इस पर विस्तार से जानते हैं।
Alcohol and Heart Attack : शराब पीने वालों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा? कितनी है सुरक्षित मात्राशराब का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड्स और बीपी को बढ़ाता है। हालांकि शराब सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण नहीं बनती, लेकिन यह दिल के दौरे के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ हार्ट के अनुसार, अधिक शराब पीने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा बढ़ सकती है, जो उच्च एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल या कम एचडीएल (अच्छा) कोलेस्ट्रॉल के साथ मिलकर आर्टरी की दीवारों में फैटी बिल्डअप का कारण बनती है। इससे बीपी बढ़ता है और दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
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Alcohol and Heart Attack : शराब पीने वालों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा? कितनी है सुरक्षित मात्रा शराब का सीधा असर हार्ट पर नहीं, बल्कि लिवर और किडनी पर होता है। यह हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है, जिससे कार्डियोमायोपैथी, कार्डियक अरेस्ट, और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। साथ ही, शराब मस्तिष्क के काम करने के तरीके को भी प्रभावित करती है। शराब का सेवन इन महत्वपूर्ण अंगों की सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
बिंज ड्रिंकिंग – पुरुषों के लिए दो घंटे में पांच या अधिक ड्रिंक और महिलाओं के लिए चार या अधिक ड्रिंक खतरे का संकेत होती है। ये एट्रियल फाइब्रिलेशन के उच्च जोखिम का कारण बन सकती है। इससे ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक और हार्ट फैल होने का खतरा बनता है। ऐसा एक दिन शराब पीने पर भी हो सकता है और लगातार पीने वालों के लिए भी ये खतरा होता है।
मॉडरेशन में पीना – शराब पीने वालों की तुलना में भारी शराब पीने से समय से पहले आर्टरी की उम्र प्रभावित हो सकती है। साथ ही, शराब पीने से बढ़ने वाली कैलोरी मोटापे, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए जिम्मेदार होती है।
यदि आप रोज़ पीते हैं पर ज़्यादा नहीं, तो क्या आप हार्ट अटैक के जोखिम में हैं, जानिए सच?
जो लोग कभी-कभी या कम मात्रा में शराब पीते हैं तो उनमें रोजाना शराब पीने वाले की तुलना में हार्ट अटैक का जोखिम कम होगा, लेकिन जो नहीं पीते उनकी तुलना में कम पीने वालों का भी जोखिम ज्यादा होता है। अगर आप महीने में एक दिन ही अधिक मात्रा में शराब पीते हैं तो आपको रोज पीने वालों जैसी ही जोखिम बना रहेगा।
क्या हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति शराब पी सकते हैं?
अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से रक्तचाप बढ़ जाता है (दिल के दौरे के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक) अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन उन हार्ट रोगियों को बहुत ही सीमित मात्रा में वाइन पीने की सलाह देते हैं, क्योंकि इसमें अलकोहल बहुत कम प्रतिशत में होता है।
मॉडरेशन में शराब पीने का मतलब भी जानिए
पुरुषों के लिए कभी-कभी एक या दो ड्रिंक और महिलाओं के लिए एक पैग मॉडरेशन ड्रिंक कहलाता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।