
इस मौसम में वात और पित्त का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे गैस-एसिडिटी, बदहजमी की समस्या बढ़ जाती है। गुड़ में फाइबर अधिक होता है। ऐसे में खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाना फायदेमंद होता है। मेटाबोलिक समस्याओं में आराम मिलने से वजन भी नियंत्रित रहता है। गुड़ में मौजूद पोटैशियम से हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी की समस्या से बचाव होता है। साथ ही स्ट्रोक, ओस्टियोपोरेसिस और किडनी स्टोन की समस्याओं से भी बचाव होता है। इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए शरीर में खून की कमी न होती है।
ङ्क्षजक से बढ़ती इम्युनिटी
गुड़ में जिंक और विटामिन सी अधिक होता है। जो लोग इसका नियमित सेवन करते हैं। उनकी इम्युनिटी सही रहती है। सौंफ के साथ खाने से कब्ज में आराम मिलता है। याद्दाश्त भी ठीक रहता है। अनियमित माहवारी नियंत्रित रहती है। शुगर लेवल थोड़ा बढ़ा है वे भी थोड़ी मात्रा में गुड़ खा सकते हैं लेकिन गुड़ में बने पकवान न खाएं। - वैद्य बंकटलाल पारीक, जोधपुर