स्वास्थ्य

जलनेति : मौसमी और सांस के रोगों से बचाती है

मौसम बदलने पर अक्सर नाक बंद होने, छींके आना, आंखों में खुजली, गला बैठने व छाती में जकडऩ की समस्या होती है। अगर नियमित जलनेति करते हैं तो इन मौसमी बीमारियों के साथ कई समस्या से बचाव होगा।

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Aug 11, 2020
जलनेति : मौसमी और सांस के रोगों से बचाती है
जलनेति : मौसमी और सांस के रोगों से बचाती है

मौसम बदलने पर अक्सर नाक बंद होने, छींके आना, आंखों में खुजली, गला बैठने व छाती में जकडऩ की समस्या होती है। अगर नियमित जलनेति करते हैं तो इन मौसमी बीमारियों के साथ कई समस्या से बचाव होगा।
आंखों के फायदेमंद
नियमित जलनेति करने से आंखों की हर तरह की बीमारियों से बचाव होता है। यह आंसूओं की नसों को खोलती है। इसमें रतौंधी और मोबियाबिंद भी शामिल है। इसके साथ ही इससे स्मरणशक्ति अच्छी होती, तन-मन भी स्वस्थ रहता है। जिन्हें माइग्रेन की समस्या रहती है वे भी इसकेा कर सकते हैं। दिमाग की थकान दूर होती है।
नाक-कान को राहत
नाक बहना, कफ जमना, खांसी जैसी समस्याओं से बचाव होता है। यह नाकों में बैक्टीरिया को जाने से रोकती है। नाक के छिद्र पूरी तरह साफ हो जाते हैं। बहरापन या कान के संक्रमण में आराम मिलता है। बालों की समस्या में भी लाभ होता।
सांस के रोगों से बचाव
यह सांस नली में संक्रमण से बचाती है। जलनेति के बाद नाक को सुखाने के लिए कपालभाति करें। जलनेति क्रिया के तुरंत बाद सोए नहीं।

Published on:
11 Aug 2020 09:02 pm