
Japan Flu Cases: जापान में इन दिनों इंफ्लुएंजा (Flu) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 6000 से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। पहली नजर में ये बीमारी सर्दी-खांसी या वायरल जैसी लगती है, लेकिन वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक इंफ्लुएंजा कोई मामूली संक्रमण नहीं है, बल्कि ये एक गंभीर सांस संबंधी बीमारी है जो हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों को बीमार कर देती है।
इंफ्लुएंजा एक वायरल इंफेक्शन है जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसे हम आम भाषा में फ्लू कहते हैं। ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा में फैलता है। अगर कोई व्यक्ति इसके ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आता है, तो उसे भी संक्रमण हो सकता है।
WHO के मुताबिक, इसके लक्षण अचानक शुरू होते हैं और तेजी से बढ़ते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं, तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, थकान और कमजोरी, नाक बंद या बहना, कई बार यह सामान्य वायरल जैसा लगता है, लेकिन फर्क ये है कि इंफ्लुएंजा में बुखार और थकान लंबे समय तक रह सकते हैं और कभी-कभी फेफड़ों तक असर कर देते हैं।
ज्यादातर लोग 5-7 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं में यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। यह फेफड़ों का इंफेक्शन (Pneumonia), सांस लेने में दिक्कत और सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति तक पहुंच सकता है। हर साल दुनिया में करीब 30 लाख लोग इंफ्लुएंजा से जुड़ी बीमारियों के कारण मरते हैं।
इस वायरस का सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे (5 साल से कम उम्र) 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, जिनको पहले से दिल, फेफड़े या किडनी की बीमारी है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है (जैसे कैंसर या HIV मरीज) इनको है।
हर साल वैक्सीन लगवाएं। यह इंफ्लुएंजा से बचाव का सबसे असरदार तरीका है। भीड़भाड़ से बचें, खासकर जब फ्लू का सीजन चल रहा हो। छींकते या खांसते वक्त मुंह ढकें और बाद में हाथ धोएं। बीमार होने पर घर पर रहें, ताकि दूसरों को संक्रमण न फैले। संतुलित डाइट और पर्याप्त नींद से इम्यूनिटी मजबूत रखें।