
आपको यह जानकार हैरानी होगी कि सिर्फ 22 मिनट की एक्टिविटी लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली मृत्यु दर के जोखिम को कम कर देती हैं। एक नई रिसर्च के मुताबिक 24 घंटे में यदि आप सिर्फ रोजाना 22 मिनट निकाल लें तो आप अपनी आयु बढ़ा सकते । ये रिसर्च आज की भागदौड़ वाली लाइफ स्टाइल की ओर ध्यान केन्द्रित करती है, जहां लम्बे समय तक बैठे रहने के कारण लोगों को कई तरह की हैल्थ प्रॉब्लम फेस करनी पड़ती है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन की ओर से प्रकाशित नए शोध में पाया गया है कि अगर आपकी जीवनशैली गतिहीन है तो प्रतिदिन 22 मिनट की मध्यम से तीव्र एक्सराइज करने से मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है।
11,989 प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण
अध्ययन में नॉर्वे, स्वीडन और अमरीका में 11,989 प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण शामिल था। शोध में भाग लेने वाले पार्टिसिपेंट्स की आयु 50 या फिर इससे अधिक थी। इस संबंध में न्यूयॉर्क के हॉस्पिटल फॉर स्पेशल सर्जरी के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कार्ल सिरिनो का कहना है कि आज हम सभी व्यस्त जीवन जी रहे हैं। घरों से बाहर निकलना नहीं चाहते, विलासिताएं इस तरह से हम पर हावी हो गई हैं, कि शारीरिक मेहनत से जी चुराने लगे हैं। वे कहते हैं कि बाहर निकलें और उतने ही सक्रिय रहें जितने हम सैकड़ों साल पहले हुआ करते थे।
क्या कहता है शोध
इस शोध में हिप एक्सेलेरोमीटर के जरिए डेटा इकट्ठा किया गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोग कब सक्रिय थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग प्रतिदिन 12 या अधिक घंटों तक गतिहीन रहते थे, उनके लिए भी यदि 22 मिनट की सीमा पूरी हो जाती है, तो संबंधित मृत्यु जोखिम समाप्त हो जाता है।
22 मिनट एक्सरसाइज जरूरी
शोध में पाया गया कि लम्बा जीने के लिए 22 मिनट की एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। उदाहरण के लिए, जो लोग 10 मिनट की एक्सराइज करते हैं, जो प्रतिदिन छह घंटे तक गतिहीन रहते हैं, उनमें अभी भी मृत्यु दर के जोखिम में 32% की गिरावट देखी गई है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।