Keep these things in mind while cleaning for Diwali: चिकित्सकों के मुताबिक मानसून सीजन में घरों में सीलन व फफूंद बढ़ जाती है, जो ठंड की शुरुआत से वातारण से नमी कम होने के कारण सूखने से दूर तक फैल जाती है, ऐसे में जब हम दिवाली की सफाई करते हैं तो सीलन और फफूंद धूल के साथ शरीर के अंदर पहुंच जाती है। यहीं एलर्जी का ट्रिगर बनती है और सांस व एलर्जी की समस्या बढ़ा देती है।

दिवाली के साफ—सफाई और हल्की ठंडक के कारण इन दिनों एलर्जी और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है, ऐसे में यदि आप भी साफ—सफाई कर रहे हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान रखें, नहीं तो परेशानी बढ़ सकती है। धुल से खुद का बचाव करके चलें। सावधानी पूर्वक सफाई करें, ताकि हेल्थ प्रॉब्लम से बचा जा सके। यह ध्यान रखें कि आस—पास रंग—रोगन की स्थिति में हवा में रसायन घुल जाते हैं, जो सांस के साथ शरीर में पहुंचते हैं, यह बाद में दमा या सांस संबंधी बीमारी का रूप ले लेते हैं। कई बार गंभीर स्थतियां भी हो जाती है।
लक्षणों को नजर अंदाज न करें
चिकित्सकों की मानें तो यदि एलर्जी और सांस लेने में तकलीफ की समस्या सामने आए तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लापरवाही से समस्या और भी अधिक बढ़ सकती है। इससे अस्थमा का खतरा रहता है। परेशानी बढ़ने पर एंटीएलर्जिेेक दवाएं और नेजर स्प्रे का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
लगातार छींके आना
आंख—नाक या शरीर के किसी भी हिस्से पर खुजली होना
सांस लेने में परेशानी होना
आसंू निकलना
बार—बार खांसी की समस्या
सफाई में इनका रखें ध्यान
मास्क जरूर पहनें
हाथों में ग्लवज पहनें
बालों का भी ध्यान रखें
पैरों की सफाई रखें