Kidney Disease Early Signs: किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षण के बढ़ती है। जानें किन लोगों को नियमित किडनी टेस्ट कराने चाहिए, शुरुआती चेतावनी संकेत क्या हैं और समय पर जांच क्यों जरूरी है।
Kidney Disease Early Signs: किडनी से जुड़ी समस्याएं अक्सर बहुत चुपचाप शुरू होती हैं। शुरुआत में कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते, इसलिए ज्यादातर लोगों को तब तक पता ही नहीं चलता जब तक बीमारी काफी बढ़ नहीं जाती। सूजन, सांस फूलना या पेशाब कम होना जैसे लक्षण तब दिखते हैं जब किडनी का बड़ा हिस्सा पहले ही कमजोर हो चुका होता है। इसलिए इंतजार करने के बजाय समय-समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है।
किडनी हमारे शरीर का बहुत अहम हिस्सा है। यह खून को साफ करती है, शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखती है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करती है और शरीर को जरूरी विटामिन व हार्मोन बनाने में भी सहायक होती है। Dr. Topoti Mukherjee, जो किडनी ट्रांसप्लांट की विशेषज्ञ हैं, बताती हैं कि किडनी को नुकसान शुरू में बहुत हल्का होता है और शरीर को तुरंत कोई परेशानी महसूस नहीं होती। इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। कई बार जब लक्षण दिखते हैं, तब तक 60–80% किडनी फंक्शन कम हो चुका होता है।
अच्छी बात यह है कि कुछ साधारण जांचों से किडनी की शुरुआती समस्या का पता लगाया जा सकता है, जैसे-
ये टेस्ट समय रहते छोटे बदलाव भी पकड़ लेते हैं, जिससे बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
अगर आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, बार-बार यूरिन इन्फेक्शन, परिवार में किडनी की बीमारी का इतिहास है या लंबे समय से दर्द की दवाएं लेते हैं, तो नियमित जांच बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाई रिस्क वाले लोगों को साल में कम से कम एक बार किडनी टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
अगर बीमारी जल्दी पकड़ में आ जाए तो ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करके, सही डाइट अपनाकर, एक्सरसाइज करके और कुछ दवाओं की मदद से किडनी को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है। धूम्रपान छोड़ना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी बेहद जरूरी है।
शुरुआती स्टेज में लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है-