Pulse oximeter : पल्स ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्प्ले वाली एक छोटी मशीन है। इसे पोर्टेबल पल्स ऑक्सीमीटर (पीपीओ) कहा जाता है। पेपर या क्लोथ क्लिप की तरह इसे पीछे से दबाकर मरीज की अंगुली में फंसाया जाता है।
Pulse oximeter : पल्स ऑक्सीमीटर डिजिटल डिस्प्ले वाली एक छोटी मशीन है। इसे पोर्टेबल पल्स ऑक्सीमीटर (पीपीओ) कहा जाता है। पेपर या क्लोथ क्लिप की तरह इसे पीछे से दबाकर मरीज की अंगुली में फंसाया जाता है। फिर इसे ऑन करना होता है। इस डिवाइस की मदद से मरीज की नब्ज और खून में ऑक्सीजन स्तर का पता चलता है। डिस्प्ले में इसकी रीडिंग दिख जाती है। इसके मदद से ऑक्सीजन लेवल (Oxygen Levels) चेक कर सकते हैं।
स्वस्थ व्यक्ति के ब्लड में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल 95 से 100 फीसदी के बीच होना चाहिए। 95 फीसदी से कम ऑक्सीजन स्तर इस बात का संकेत है कि उसके फेफड़ों में किसी तरह की परेशानी है। इसलिए ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच रही है। ऑक्सीजन लेवल 92 फीसदी से नीचे आने पर व्यक्ति की स्थिति गंभीर मानी जाती है। ऐसे में उसे अस्पताल ले जाना चाहिए। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। यह मानक सामान्य व्यक्ति के लिए है। पहले से किसी बीमारी के मरीज में स्थिति अलग हो सकती है।
- जिस अंगुली से रीडिंग ले रहे हैं, उसके नाखून पर कोई रंग नहीं होना चाहिए।
- व्यक्ति के हाथ ठंडे व नाखून लंबे नहीं होने चाहिए।
- मरीज का ब्लड सर्कुलेशन सही रहना चाहिए।