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सबका भला करने वाले ही अंत में अकेले क्यों होते हैं? Psychology ने खोला बड़ा राज!

Psychology of Loneliness: अपने आस-पास आपने सुना होगा कि जो लोग दिल के साफ होते हैं, परेशानी के समय उनके साथ कोई नहीं होता, वे अकेले होते हैं। लेकिन असल में उन लोगों की ही ऐसी आदतें हैं जो उन्हें दूसरों के लिए अच्छा करने के बाद भी सबसे अलग और दूर कर देती हैं।

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भारत

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Nidhi Yadav

Jan 19, 2026

Psychology of Loneliness

Psychology of Loneliness (image- gemini)

Psychology of Loneliness: हम में से कई लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा सबके बारे में अच्छा सोचते हैं और सबके साथ अच्छा करते हैं, फिर भी जब उन्हें जरूरत होती है वे हमेशा खुद को अकेला ही पाते हैं। हमारा समाज उनसे कहता है कि बेचारे अच्छे और नेक दिल लोगों के साथ बुरा होता ही है, यही इस दुनिया का दस्तूर है। अगर आप भी ऐसे ही नेक दिल लोगों में से हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी ही 5 आदतें हैं जिनके कारण आप जरूरत के समय खुद को अकेला पाते हैं। आइये जानते हैं कि साइकोलॉजी आपकी इन आदतों को क्या मानती है और आपके साथ ऐसा किस कारण से होता है?

सबका भला करने के बाद भी अकेले क्यों?(Psychology of Loneliness)

मनोवैज्ञानिक शोधों में कई बार यह बात साबित हुई है कि जो लोग सबके साथ अच्छा करते हैं, असल में उनके साथ कोई नहीं होता जब उन्हें जरूरत होती है। अब बात आती है कि ऐसा क्यों होता है? सेडार्स-सिनाई मेडिकल सेंटर (Cedars-Sinai Medical Center) की रिसर्च के अनुसार, जो लोग हमेशा दूसरों के लिए अच्छा करते हैं, जब वे दूसरों का भला करके खुश होते हैं तो दिमाग में डोपामाइन (Dopamine) ज्यादा रिलीज होता है। वे खुश होकर जरूरत से ज्यादा सलाह देने लगते हैं, बस उनकी यही आदत उन्हें जरूरत के समय अकेला कर देती है।

कौन सी 5 आदतें हैं जिनके कारण आप जरूरत के समय भी अकेले होते हैं?

1.बिना मांगे सलाह देना- अक्सर जो लोग दूसरों का भला करने के चक्कर में बिना मांगे ही सलाह देने लग जाते हैं या तुरंत समाधान बताने लग जाते हैं, उनकी यही आदत उन्हें दूसरों से दूर कर देती है। भले ही आप मदद करने के लिए सलाह दे रहे हों, लेकिन कई बार सामने वाला व्यक्ति सिर्फ यह चाहता है कि कोई उसकी बात सुन ले, उसे समाधान नहीं चाहिए होता है।

2.बहुत जल्दी अपनी कमजोरियां बता देना- कई बार नेक दिल लोग रिश्तों में सच्चाई लाने के लिए बहुत जल्दी सामने वाले को अपने जीवन की सारी बातें और अपनी गलतियां बता देते हैं। इसी कारण सामने वाला व्यक्ति आपके प्रति मन में एक धारणा बना लेता है। और जब आपको जरूरत होती है, तो आपकी मदद के लिए कोई नहीं आता।

3.सामने वाला नाराज हो जाएगा की भावना रखना- अगर आप मन में यह भावना रखते हैं कि "मैंने कुछ कह दिया तो सामने वाला नाराज हो जाएगा", तो आपकी यही गलती आपको जरूरत के समय अकेला रखती है। इसलिए 'ना' कहना सीखें और अपनी बात मजबूती से रखना शुरू करें।

4.दूसरों की पसंद को अपना बताना (Mirroring)- नेक दिल के लोग दूसरों को खुश रखने के चक्कर में उनकी पसंद को अपनी पसंद बताने लगते हैं। इसी कारण एक समय के बाद लोग आपसे आपकी पसंद पूछना बंद कर देते हैं। इसलिए दूसरों को खुश करने के चक्कर में अपनी पसंद दांव पर न लगाएं।

5.तकलीफ के समय खुद को सबसे अलग करना- अक्सर नेक दिल लोग दूसरों को परेशान नहीं करना चाहते, इसलिए जब वे खुद परेशान होते हैं तो खुद को दूसरों से अलग कर लेते हैं। इस वजह से रिश्ता मजबूत ही नहीं हो पाता, क्योंकि जिस समय दूसरे आपकी मदद कर सकते थे, उस समय आप उनसे अलग हो गए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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