
Kawasaki Disease (photo- freepik)
Kawasaki Disease: ब्रिटेन के ब्रिस्टल से आई यह खबर हर माता-पिता को सतर्क करने वाली है। सिर्फ 2 साल के मासूम बच्चे हडसन मार्टिन की मौत एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से हो गई, जो शुरुआत में बिल्कुल फ्लू या वायरल बुखार जैसी लगती है। बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ी, वह घर की सीढ़ियों पर खेलते-खेलते गिर पड़ा और फिर उसकी जान नहीं बच सकी।
हडसन को महज 7 महीने की उम्र में कावासाकी डिजीज (Kawasaki Disease) नाम की बीमारी का पता चला था। उसके पिता डेमियन के मुताबिक, तस्वीरों और वीडियो में देखकर कोई नहीं कह सकता था कि बच्चा इतनी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। लेकिन हकीकत यह थी कि बीमारी धीरे-धीरे उसके शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा रही थी।
डेमियन बताते हैं कि बीमारी की शुरुआत में हडसन दिन-ब-दिन कमजोर होता जा रहा था। वह बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था, न खेल रहा था, न ही ठीक से खा रहा था। डॉक्टर लगातार टेस्ट कर रहे थे, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं दिख रहा था। इलाज के बाद कुछ समय के लिए वह बेहतर लगने लगा, मगर रिपोर्ट्स लगातार खराब आती रहीं। डॉक्टरों को भी अंदेशा था कि स्थिति गंभीर है।
कावासाकी डिजीज एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जो ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को होती है। इसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से खून की नलियों (ब्लड वेसल्स) पर हमला करने लगती है, जिससे सूजन आ जाती है। यह बीमारी खासतौर पर दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है।
शुरुआत में यह बीमारी आम वायरल बुखार जैसी लग सकती है, इसलिए अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
इस बीमारी की सटीक वजह अभी साफ नहीं है। यह न तो छूत की बीमारी है और न ही एक से दूसरे में फैलती है। माना जाता है कि किसी वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के बाद शरीर की इम्यून सिस्टम गड़बड़ा जाती है और खून की नलियों पर हमला करने लगती है।
समय पर इलाज मिलने से बच्चों की जान बच सकती है। इलाज में IVIG इंजेक्शन, एस्पिरिन और सूजन कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं। देर होने पर यह बीमारी दिल का दौरा, हार्ट फेल्योर या स्थायी दिल की समस्या बन सकती है।
Updated on:
19 Jan 2026 05:25 pm
Published on:
19 Jan 2026 05:25 pm
