
Crocs Health Risk
Crocs Health Risk: पुराने समय में लोग लकड़ी के खड़ाऊ या प्राकृतिक चमड़े की चप्पलें पहनना पसंद करते थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बदला, वैसे ही मार्केट में तरह-तरह के रंग-बिरंगे और अलग-अलग मटेरियल से बने चप्पल और सैंडल मिलने लगे। ये देखने में सुंदर होने के साथ-साथ बजट में भी होते हैं और पहनने में बेहद आरामदायक महसूस होते हैं। लेकिन हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर dr_puneetofficial नाम के चैनल पर Dr. Puneet B. Thakur द्वारा शेयर किए गए इन प्लास्टिक से बने चप्पलों को पहनने से होने वाले नुकसान ने लोगों को हैरान कर दिया है। ऐसे में अगर आप भी प्लास्टिक से बनी चप्पल खुद पहनते हैं या अपने परिवार या बच्चों को पहनाते हैं, तो इसे दोबारा खरीदने और पहनने से पहले इससे होने वाले नुकसान जरूर जान लें।
ज्यादातर फोम वाली चप्पलों और क्रॉक्स जैसे फुटवियर में Phthalates और PFAS जैसे खतरनाक केमिकल्स पाए जाते हैं। विज्ञान की भाषा में इन्हें 'एंडोक्राइन डिस्रप्टर्स' कहा जाता है, जो शरीर के अंदर जाकर हॉर्मोन्स का संतुलन बिगाड़ देते हैं। बता दें, हॉर्मोन्स शरीर के वो मैसेंजर हैं जो ग्रोथ, मूड, मेटाबॉलिज्म और डेवलपमेंट को कंट्रोल करते हैं। ऐसे में जब रोजाना कोई इन केमिकल्स के संपर्क में आता है, तो ये त्वचा के जरिए सिस्टम में घुस जाते हैं और धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं।
इन फोम वाली रंग-बिरंगी चप्पलों का 'सबसे ज्यादा असर बच्चों के सेहत पर पड़ता है क्योंकि उनकी स्किन बहुत नाजुक होती है और उनके शरीर का विकास हो रहा होता है। ऐसे में इन खतरनाक केमिकल्स की वजह से बच्चों में समय से पहले प्यूबर्टी आना, हॉर्मोनल इम्बैलेंस और भविष्य में प्रजनन क्षमता से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
अपने और अपने परिवार की अच्छी सेहत के लिए चप्पल खरीदते समय थोड़ा सतर्क रहें। क्रॉक्स या फोम वाली चप्पलों के बदले कैनवस स्नीकर्स या नेचुरल रबर से बनी चप्पलें खरीदें। इसके अलावा प्राकृतिक कपड़े या जूट से बने फुटवियर भी एक अच्छा विकल्प हैं।
Updated on:
11 Mar 2026 12:56 pm
Published on:
11 Mar 2026 12:53 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
