Kulfa Saag Benefits : अक्सर खेतों और सड़कों के किनारे दिखने वाली छोटी हरी पत्ती वाली कुल्फा (लोनिया/खरमोड़ा), जिसे लोग खरपतवार समझते हैं असल में सेहत का अनमोल खजाना है। इसे पहचानें और इसके फायदों का लाभ उठाएं।
Kulfa Saag Benefits : आपने खेतों में या सड़कों के किनारे अक्सर एक छोटी सी हरी पत्ती वाली बेल देखी होगी जिसे आमतौर पर लोग खरपतवार समझकर उखाड़ फेंकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है जिसे आप खरपतवार समझते हैं वो असल में सेहत का एक अनमोल खजाना है? जी हां, हम बात कर रहे हैं कुल्फा (Kulfa Saag) की जिसे कई जगहों पर लोनिया या खरमोड़ा के नाम से भी जाना जाता है।
यह कोई मामूली साग नहीं है। चने, पालक, बथुआ, मेथी या सरसों का साग तो आपने खूब खाया होगा लेकिन कुल्फा का साग (Kulfa Saag) शायद ही कभी आपकी थाली में सजा हो। हैरानी की बात ये है कि यह छोटी सी दिखने वाली पत्ती विटामिन्स, मिनरल्स, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर जैसे गुणों से भरपूर है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कुल्फा का जिक्र मिलता है। चरक संहिता में इसे शाक वर्ग यानी सब्जियों की श्रेणी में रखा गया है। यह उन 12 महत्वपूर्ण आहारों में से एक है जिन्हें शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। प्राचीन ऋषि-मुनियों का मानना था कि कुल्फा (Kulfa Saag) शरीर को ठंडा रखने, पाचन सुधारने और कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इसकी पत्तियां छोटी, मोटी और अंडाकार होती हैं, और स्वाद में थोड़ी खट्टी लगती हैं। वहीं, सुश्रुत संहिता में भी कुल्फा को एक उपयोगी सब्जी के रूप में वर्णित किया गया है।
आज का विज्ञान भी कुल्फा (Kulfa Saag) के गुणों को पहचान रहा है। कई शोधों में ये बात सामने आई है कि कुल्फा में कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। ये ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमज़ोरी) के जोखिम को कम करने में भी सहायक है।
अगर आपकी आंखों की रोशनी कम हो रही है या मोतियाबिंद का डर है, तो कुल्फा (Kulfa Saag) आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसमें विटामिन-ए और बीटा-कैरोटीन जैसे तत्व होते हैं, जो मोतियाबिंद और मैक्यूलर डीजनरेशन जैसी आंखों की समस्याओं से लड़ने में मदद करते हैं।
सिर्फ शरीर ही नहीं, कुल्फा (Kulfa Saag) आपकी त्वचा और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे आपकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है। साथ ही ये बालों की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। कुल्फा में कुछ ऐसे खास यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
आजकल डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कुल्फा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने में काफी मददगार है इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और हृदय रोगों के जोखिम को घटाने में मदद करता है। यह वही ओमेगा-3 है जो आमतौर पर मांसाहारी स्रोतों जैसे मछली में ज्यादा पाया जाता है, लेकिन कुल्फा इसे शाकाहारी तरीके से पाने का एक बेहतरीन जरिया है।
अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं तो कुल्फा (Kulfa Saag) आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाने में भी मदद करेगा। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देते हैं।
कुल्फा (Kulfa Saag) को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद आसान है। आप इसे अच्छी तरह से साफ करके कच्चा भी चबाकर खा सकते हैं। इसके अलावा आप इसका सूप बना सकते हैं, या फिर इसे दाल और दूसरी सब्ज़ियों के साथ मिलाकर पका सकते हैं। कई जगहों पर इसकी स्वादिष्ट सब्जी भी बनाई जाती है।
तो अगली बार जब आप इस खरपतवार को देखें तो उसे फेंकने के बजाय अपनी सेहत के लिए इस्तेमाल करने के बारे में सोचें। कुल्फा वाकई एक ऐसा सुपरफूड है, जिसके बारे में हमें और जानना और इसे अपने भोजन में शामिल करना चाहिए।
ians