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Latest Health News : एशिया के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति का 78 वर्ष की आयु में हुआ फेफड़े का सफल प्रत्यारोपण

Asia's oldest man undergoes successful lung transplant at age of 78 : संतोष (बदला हुआ नाम) नाम का 78 वर्षीय मरीज द्विपक्षीय फेफड़े का प्रत्यारोपण कराने वाला एशिया का सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए है । उच्च जोखिम वाली प्रक्रिया का सफल समापन चेन्नई के एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल एमजीएम हेल्थकेयर के डॉक्टरों द्वारा किया गया।
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Updated: 5 Jul 2023, 3:14 PM IST
Asia's oldest man undergoes successful lung transplant at age of 78

Asia's oldest man undergoes successful lung transplant at age of 78 : संतोष (बदला हुआ नाम) नाम का 78 वर्षीय मरीज द्विपक्षीय फेफड़े का प्रत्यारोपण कराने वाला एशिया का सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए है । उच्च जोखिम वाली प्रक्रिया का सफल समापन चेन्नई के एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल एमजीएम हेल्थकेयर के डॉक्टरों द्वारा किया गया।

इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट एंड मैकेनिकल सर्कुलेटरी सपोर्ट के निदेशक डॉ. केआर बालाकृष्णन ने सह-निदेशक डॉ. सुरेश राव केजी और पल्मोनोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अपार जिंदल के साथ जटिल सर्जरी का नेतृत्व किया।

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बेंगलुरु निवासी संतोष गंभीर तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम (एआरडीएस) के साथ एस्पिरेशन निमोनिया से जूझ रहे थे और 15 दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और 50 से अधिक वर्षों से ईसीएमओ (एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) सपोर्ट पर थे।

एमजीएम हेल्थकेयर के डॉक्टरों द्वारा द्विपक्षीय फेफड़े के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

एक प्रमुख प्रक्रिया के सभी फायदे और नुकसान को ध्यान में रखते हु उम्र के कारक पर विचार करते हुए विशेषज्ञों ने फेफड़े के प्रत्यारोपण का सुझाव दिया क्योंकि रोगी फिट था और सर्जरी सहन कर सकता था। द्विपक्षीय फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए राज्य प्रत्यारोपण रजिस्ट्री पर पंजीकृत होने के बाद रोगी को उपयुक्त ब्रेन-डेड डोनर की उपलब्धता के बाद प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।

What is bilateral lung transplant? द्विपक्षीय फेफड़े का प्रत्यारोपण क्या है?

द्विपक्षीय फेफड़े का प्रत्यारोपण एक सर्जिकल तकनीक है जिसमें सर्जन एक-एक करके दोनों रोगग्रस्त फेफड़ों को हटाते हैं और फिर दाता फेफड़ों को रोगी के वायुमार्ग और हृदय से आने-जाने वाली रक्त वाहिकाओं में जोड़ देते हैं।

डॉ केआर बालाकृष्णन ने कहा , रोगी की स्थिति और उम्र को देखते हुए इस प्रक्रिया ने महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश कीं। सर्जरी के तुरंत बाद मरीज को आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया। हमें उल्लेखनीय सुधार के साथ उसकी प्रगति पर बेहद गर्व है। वह आने वाले दिनों में छुट्टी के लिए तैयार है।

एमजीएम हेल्थकेयर के सीईओ, हरीश मनियन ने मेडिकल टीम के काम पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि अस्पताल विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने समर्पण पर दृढ़ है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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