
नई दिल्ली। कंप्यूटर,लैपटॉप ने जितना हमारे काम को आसान किया है उतना ही शरीर में दिक्कतें भी बढ़ाई है। वहीं लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम के होने से कंप्यूटर,लैपटॉप,मोबाइल में काम करना बढ़ गया है। जैसे में लोगों को बॉडी में अनेकों दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कमर दर्द,आंखों में समस्या,गर्दन दर्द,आंखों से लगातर पानी आना आदि। यदि आपको भी लगातार ऐसी समस्याएं होती हैं तो आपको भी सतर्क हो जाना चाहिए।
आपको भी कंप्यूटर से जुड़ी कुछ बीमारियों के बारे में पता होना चाहिए।
ड्राई आई सिड्रोम
कंप्यूटर या लैपटॉप में ज्यादा देर काम करने से आंखों में प्रोब्लेम्स आना शुरू हो जाती हैं, इन्हें वजहों से धीरे-धीरे आंखों का मॉइश्चराइजर खत्म होना शुरू हो जाता है। इसलिए आपको बीच-बीच में ठंडे पानी से फेस वॉश करते रहना चाहिए। जिससे कि हमारे आंखों में नमी बरकरार रहे। वहीं आप हर घंटे के अंतराल कम से कम 5 से 10 मिनट के लिए आंखों को कुछ सेकंड्स के लिए बंद करके रखना चाहिए। ताकि आंखों को भी कुछ देर के लिए रेस्ट मिलता रहे।
रिपीटिटिव स्ट्रेन इंजरी
रिपीटिटिव स्ट्रेन इंजरी में आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। लगातार काम करने से आँखों में बुरा असर पड़ सकता है। लगातार इनमें काम करने की वजह से आखों में स्ट्रेन बढ़ जाता है। जिसके कारण आंखों में चुभन महसूस होना,आंखें लाल होना,आंखों में पानी का सूख जाना, खुजली होना आदि समस्याएं बढ़ जाती हैं। वहीं आपको पास में रखी हुई चीजें देखने में समस्या हो सकती है या एक का दो दिखाई देना भी शुरू हो जाता है।
कार्पल टनल सिंड्रोम
ये बीमारी तब होती है जब आप लगातार टाइपिंग कर रहे होते हैं। कार्पल टनल सिंड्रोम में उंगलियों में दर्द, कमजोरी का अहसास,सुन्नता,झनझनाहट महसूस होती है।
ट्रिगर फिंगर
ट्रिगर फिंगर में ये एक बीमारी है जो ज्यादा देर तक टाइपिंग करने से हो सकती है। इस बीमारी में उंगली को सीधा रखने में दर्द का अहसास होता है। वहीं उंगलियों में दर्द के साथ-साथ,सूजन भी आ जाती है।