
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में जहां भारत छठे (India is on 6th Position in worst corona hit country) स्थान पर है वहीं देश में इस मामले में महाराष्ट्र लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। शुक्रवार को रेकॉर्ड एक दिन में 139 लोगों की संक्रमण से मौत के बाद भी यहां नमूनों की जांच में तेजी नहीं आ पाई है। हालात ये हैं कि अगर महाराष्ट्र में इसी दर से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता रहा तो बहुत जल्द भारत का यह राज्य संक्रमितों के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ देगा।
सबसे ज्यादा मौतें भी
महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की संख्या भी देश के अन्य राज्यों में सबसे ज्यादा है। यहां अब तक 2849 लोग संक्रमण के कारण दम तोड़ चुके हैं। लेकिन सुखद बात यह है कि ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा 35,156 है। देश में शनिवार को संक्रमण के 237,754 मामले थे जबकि अकेले महाराष्ट्र में देश के 20 फीसदी से ज्यादा मामले हैं। महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु, गुजरात और दिल्ली देश के शीर्ष कोरोनोवायरस प्रभावित राज्यों में शामिल हैं।
संक्रमण की दर हुई कम
इस बीच राहत की खबर ये है कि अब महाराष्ट्र के सात-दिवसीय मिश्रित दैनिक विकास दर (कम्पाउंड डेली ग्रोथ रेट या CDGR) लगातार कुछ दिनों से राष्ट्रीय औसत से नीचे बनी हुई है। तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच लगभग दो महीनों में पहली बार महाराष्ट्र में संक्रमण की वृद्धि दर में पूरे देश की तुलना में गिरावट आई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अकेले ही देश के एक तिहाई से अधिक संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं।
जलगांव में संक्रमण की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र का एक जिला भी इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है। मुम्बई से 400 किमी दूर उत्तर-पूर्व में बसे जलगांव में एक महीने में ही कोरोना से संक्रमित 112 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां कोरोना की मृत्यु दर 12.3 फीसदी है। जलगांव से सटे भुसावल, अमलनेर और पचोरा में ही 80 फीसदी मौते हुई हैं। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि वर्तमान में जलगांव की मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत दर से 4 गुना (2.8फीसदी) ज्यादा है। 2 मई तक यहां मरने वालों की संख्या 42 ही थी लेकिन हाल ही में केवल 5 दिन में यहां 14 लोगों की मृत्यु हो गई। जलगांव में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 28 अप्रेल को सामने आया था।