स्वास्थ्य

सर्दियों में पीएं सूप और काढ़ा, बढ़ेगी इम्युनिटी

विटामिन्स व मिनरल्स युक्त सब्जियों का सूप व आयुर्वेदिक काढ़ा पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कई बीमारियों में कारगर है। इनमें माइक्रोन्यूट्रिएंट, सेलेनियम, जिंक, आयरन और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
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Updated: 21 Dec 2018, 4:32 PM IST
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विटामिन्स व मिनरल्स युक्त सब्जियों का सूप व आयुर्वेदिक काढ़ा पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कई बीमारियों में कारगर है। इनमें माइक्रोन्यूट्रिएंट, सेलेनियम, जिंक, आयरन और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

हैल्दी डाइट

लोग रात को हल्का खाने के लिए मिक्स वेज सूप का प्रयोग करते हैं। सूप में बारीक कटी सब्जियां पत्ता गोभी, गाजर, ब्रोकोली, पनीर ले सकते हैं। इसे गाढ़ा बनाने के लिए कॉर्न-फलेक्स और उबले हुए मक्का का प्रयोग भी कर सकते हैं। इससे शरीर को जरूरी पौष्टिक तत्त्वों की पूर्ति होगी और वजन नियंत्रण में भी फायदा मिलेगा।

पेट भरता, वजन भी कम होता

मौसम बदलने से सर्दी, खांसी, जुकाम में फायदेमंद है। इसके साथ ही यह एनीमिया के मरीजों में भी कारगर है।
बीपी : फल व सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
कैंसर : सब्जियों में बीटा-कैरोटीन होता है। यह कैंसर जैसी बीमारियों से बचाता है।
मधुमेह : रोगी टमाटर, घीया, पालक का सूप पीएं। गाजर, आलू का प्रयोग डॉक्टर की सलाह से करें।
एनीमिया : टमाटर, चुकुंदर युक्त सूप से खून की कमी दूर होती है। शरीर को स्फूर्ति, ऊर्जा मिलती है।
बुखार : सूप में प्रयुक्त लौंग से एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्त्व मिलते हैं। ये बुखार से बचाते हैं।
थकान : इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स और आयरन शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं।
वजन घटाना : वेज सूप कैलोरी में कम, पोषक तत्त्वों से भरपूर होता है। पेट भरता है वजन भी कम होता है।

ऐसे बनाएं सूप

दाल सूप

इस सूप से कब्ज, दस्त या बार-बार पेशाब आने की समस्या दूर होती है। मूंग की छिलके वाली दाल, मसूर की बिना छिलके वाली दाल नमक व काली मिर्च डालकर उबालें, इसमें पानी की ज्यादा मात्रा रखें नहीं तो सूप गाढ़ा बनेगा और शरीर को पचाने में समय लगेगा।

मिक्सड वेज

गाजर, पालक, टमाटर, शिमला मिर्च, मटर, छिलके वाली मूंग की दाल मिलाएं। तेजपत्ता, लौंग, प्याज, लहसुन व पानी डालकर उबालें। ठंडा होने पर मिक्सी में मैश कर नमक व काली मिर्च डालकर परोसें। रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता है। तनाव कम करता है।

टमाटर

टमाटर का सूप बनाने के लिए टमाटर, नमक, काली मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर उबाल लें। इसे पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। कब्ज में आराम मिलता है। टमाटर में लाइकोपीन होता है जो त्वचा के लिए सनस्क्रीन का काम करता है।

पालक मिक्स

इसको बनाने के लिए पालक में टमाटर, नमक डालकर उबालें। थोड़ा पानी लें क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से पानी होता है। इसमें पत्ता गोभी व लौकी डाल सकते हैं। सूप में फाइबर की मात्रा बढ़ जाएगी। आयरन, कैल्शियम शरीर में खून की मात्रा बढ़ाता है।

सर्दी-बुखार में कारगर है काढ़ा

सर्दी-खांसी व बुखार हो जाए तो पूरा शरीर जकड़ सा जाता है। घर पर ही काढ़ा बनाएं। इससे बीमारियां दूर होंगी और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

ऐसे बनाएं

अदरक, गुड़
उबलते पानी में पिसी लौंग, काली मिर्च, इलायची, अदरक व गुड़ डाल दें। थोड़ी देर बाद तुलसी की पत्तियां डाल दें। उसके बाद चायपत्ती डालें। जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर पानी को छान लें। इसे गर्म पीना ही फायदेमंद रहेगा।

काली मिर्च, नींबू
एक चम्मच काली मिर्च, ४ चम्मच नींबू का रस व एक कप पानी में मिलाकर गर्म करें और सुबह-सुबह रोजाना पीएं। काढ़ा ठंडा होने के बाद इसमें शहद भी डाल सकते हैं। सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। शरीर की चर्बी भी कम होती है।

अजवायन, गुड़
एक गिलास पानी उबलने के लिए रख दें। जब उबाल आने लगे तो थोड़ा सा गुड़ डाल दें और एक चम्मच अजवायन डाल दें। आधा ग्लास होने तक उबालें। इसे छानकर गुनगुना कर लें और पीएंं। खांसी, पेट दर्द में आराम मिलता है।

दालचीनी
एक गिलास पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकाएं। ठंडा होने पर एक चम्मच शहद डालकर पीएं। जुकाम व खांसी में फायदा मिलता है।

सावधानी जरूरी

सूप हमेशा ढंककर पकाएंं। गाढ़ा करने के लिए मक्खन व मैदा न मिलाएं। कैलोरी की मात्रा बढ़ती है। रेडीमेड सूप न लें क्योंकि मिश्रण को सूखा बनाने की प्रक्रिया में विटामिन बी व सी नष्ट हो जाता है। मधुमेह रोगी विशेषज्ञ की सलाह से सूप में सब्जियों का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी:

सर्दियों में इसे दिन में एक बार पी सकते हैं। काढ़े की तासीर थोड़ी गर्म होती है इसलिए किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की परामर्श से पीएं।

डॉ. काशीनाथ समगंडी
आयुर्वेद एवं योग विशेषज्ञ,
एनआइए जयपुर

अनामिका सेठ
डायटीशियन, जयपुर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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