स्वास्थ्य

चिकित्सा शिक्षा मंत्री पाटिल ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण

उन्होंने फास्ट ट्रैक योजना के प्रभारी अधिकारी को फटकार लगाई। वे सवालों के जवाब देने की कोशिश करते समय लड़खड़ा रहे थे। मंत्री ने गुस्से में कैंसर के निदान, प्रारंभिक उपचार, कीमोथेरेपी, उपचार कार्यक्रम, उपचार की अवधि और अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या के बारे में कई सवाल पूछे

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Jun 20, 2024

अस्पतालों के खिलाफ मरीजों के साथ खराब व्यवहार को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने बुधवार को किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (केएमआइओ) और इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (आइजीआइसीएच) का औचक निरीक्षण किया।


पाटिल ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की कथित खराब कार्यप्रणाली को लेकर खिंचाई की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मरीजों को उचित उपचार नहीं दिया गया तो संबंधितों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले पाटिल ने मरीजों से बातचीत की। सुविधाओं और उपचार के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने फास्ट ट्रैक योजना के प्रभारी अधिकारी को फटकार लगाई। वे सवालों के जवाब देने की कोशिश करते समय लड़खड़ा रहे थे। मंत्री ने गुस्से में कैंसर के निदान, प्रारंभिक उपचार, कीमोथेरेपी, उपचार कार्यक्रम, उपचार की अवधि और अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या के बारे में कई सवाल पूछे।


बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाटिल ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से मरीजों को इलाज के लिए बेंगलूरु आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार तुमकुरु, शिवमोग्गा, मण्ड्या और कारवार में किदवई जैसे अस्पताल खोलने की योजना बना रही है। कलबुर्गी में इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान खोलने की भी योजना है। पाटिल ने स्वीकार किया कि किदवई अस्पताल में कुछ समस्याएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य किए जा रहे हैं। अब प्रतीक्षा अवधि नहीं है।

उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने इलाज को लेकर संतुष्टि व्यक्त की है। हम चिकित्सा उपकरण प्राप्त करने के लिए निविदा जारी करेंगे और कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

Published on:
20 Jun 2024 08:16 pm
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