
जोड़ों में दर्द होने व सूजन आने के कारण परेशानी बढती है, जिससे बहुत ज्यादा दर्द होता है। इसका दर्द या फिर आर्थराइटिस कहा जाता है। इसके लिए मैंथी दाना बहुत असरकारी है। इसका नियमित प्रयोग जरूरी है। शोधों में भी साबित हो गया है कि यह हार्ट की धमनियों में रुकावट से बचाने में सक्षम है। दिल का दौरा पड़ने या ऑक्सीडेटिव तनाव को बढने से रोकते हैं। इसके बीच शरीर में रक्त प्रवाह को संतुलित रखते हैं, जिस कारण धमनियों में किसी भी प्रकार की रुकावट पैदा नहीं होती है।
डायबिटीज : दाना मैंथी रात में भिगोकर सुबह खाली पेट चबाकर खाएं। बचे पानी को खाली पेट पीने से डायबिटीज नियंत्रित रहती है। गेलेक्टोमैनन फाइबर खून में ग्लूकोज के अवशोषण को कम करता है। शरीर का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित होता है।
एसिडिटी : एसिडिटी हो तो एक गिलास मैंथी का पानी नियमित सुबह खाली पेट पीएं। अपच, जलन में भी आराम मिलता है।
सर्दी-जुकाम : मेथी में एंटी बैक्टीरियल तत्व सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार से बचाते हैं। शरीर में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करता है।
मोटापा : मैंथी में फाइबर की प्रचुर मात्रा होने से देर तक भूख नहीं लगती है। पेट भरा रहता है। इससे भूख नहीं लगती है और वजन कम होता है।