Morning Water: ज्यादातर लोग सेहत बनाने के लिए सुबह गर्म पानी पीते हैं, लेकिन विज्ञान और डॉक्टर्स चेतावनी देते हैं कि अति नुकसानदेह हो सकती है। उबलता हुआ पानी न केवल आपके पाचन तंत्र को जला सकता है, बल्कि किडनी और नींद पर भी बुरा असर डालता है। जानिए क्या कहती हैं अंतरराष्ट्रीय रिसर्च और विशेषज्ञ।
Morning Water: स्वस्थ रहने की चाह में सुबह उठते ही गर्म पानी पीना एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है। हम इसे वजन घटाने और बॉडी डिटॉक्स का रामबाण इलाज मानते हैं। लेकिन, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) और विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का तापमान और मात्रा सही न हो, तो यह 'अमृत' की जगह 'विष' के समान काम करने लगता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों ही बहुत अधिक गर्म पानी के सेवन को लेकर सचेत करते हैं।
1. इंटरनल बर्निंग का खतरा ज्यादा- हमारी आहार नली (Esophagus) की परतें बहुत नाजुक होती हैं। 'जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन' में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, 60°C से अधिक तापमान वाला पानी पीने से गले और आहार नली की कोशिकाओं को थर्मल इंजरी (Thermal Injury) हो सकती है, जो लंबे समय में गंभीर घाव का रूप ले सकती है।
2. किडनी का फिल्ट्रेशन खराब- किडनी का काम शरीर से गंदगी बाहर निकालना है। जब हम बहुत ज्यादा गर्म पानी पीते हैं, तो शरीर का तापमान अचानक बढ़ता है, जिससे किडनी के फंक्शनिंग सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
3. इलेक्ट्रोलाइट्स- खाली पेट अधिक गर्म पानी पीने से शरीर में पसीना ज्यादा आता है, जिससे सोडियम और पोटेशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो सकती है।
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अध्ययनों में यह संकेत दिया गया है कि बहुत अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों का नियमित सेवन आहार नली के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। रिसर्च के अनुसार, पानी का तापमान शरीर के सामान्य तापमान से बहुत ज्यादा अलग नहीं होना चाहिए। स्मिता जोशी(ऑन्कोलॉजिस्ट) का साफ कहना है कि इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि केवल गर्म तरल पदार्थ पीने से ही ग्रासनली के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन काफी हद तक ऐसा हो सकता है।
Myth- गर्म पानी शरीर के टॉक्सिन (विषाक्त पदार्थ) निकालता है।
Fact- पानी खुद टॉक्सिन नहीं निकालता। यह काम लिवर और किडनी का है। पानी बस इन अंगों को बेहतर काम करने में मदद करता है। तापमान का इसमें कोई विशेष रोल नहीं है।
Myth- गर्म पानी चर्बी को पिघला देता है।
Fact- गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म पर कोई जादू जैसा असर नहीं होता। वजन घटाने के लिए कैलोरी कंट्रोल और एक्सरसाइज ही एकमात्र तरीका है।
सुबह पानी पीना अनिवार्य है, लेकिन तापमान का ध्यान रखना उससे भी ज्यादा जरूरी है। रिसर्च स्पष्ट करती है कि 'गुनगुना' पानी सबसे सुरक्षित है। उबलते हुए पानी से परहेज करें और अपनी सेहत की स्थिति के अनुसार ही पानी का चुनाव करें। गर्म पानी दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सेंसिटिविटी बढ़ती है। पानी हमेशा बैठकर और घूंट-घूंट करके पिएं ताकि शरीर उसे आसानी से ग्रहण कर सके।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।