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Chronic Constipation: बार-बार कब्ज को न करें नजरअंदाज, UCLA और मेयो क्लिनिक ने बताया क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन के संकेत

Chronic Constipation Cause: क्या आपको भी हफ्तों से कब्ज की समस्या है? जानिए UCLA और मेयो क्लिनिक के अनुसार क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन (पुरानी कब्ज) के मुख्य संकेत और इससे होने वाली जटिलताएं।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 15, 2026

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लंबे समय तक रहने वाली कब्ज को हल्के में नहीं लेना चाहिए।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- gemini)

Chronic Constipation Symptoms: हम में से ज्यादातर लोग कभी न कभी कब्ज (Constipation) से परेशान जरूर होते हैं। आमतौर पर हम इसे पेट की मामूली खराबी मानकर टाल देते हैं या फिर कोई चूर्ण या घरेलू नुस्खा अपनाकर काम चला लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कब्ज की यह समस्या हफ्तों या महीनों तक बनी रहे, तो यह क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन (Chronic Constipation) यानी पुरानी कब्ज का रूप ले लेती है?

UCLA (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स) के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली कब्ज को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि कब कब्ज गंभीर हो जाती है और इसके क्या संकेत हैं।

कब सामान्य कब्ज बन जाती है क्रॉनिक?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर आपको कभी-कभार पेट साफ होने में दिक्कत होती है, तो यह सामान्य है। लेकिन अगर नीचे दी गई समस्याएं पिछले 3 से 6 महीनों से लगातार बनी हुई हैं, तो समझ जाएं कि यह क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन है;

  • हफ्ते में 3 बार से कम पॉटी आना।
  • बहुत ज्यादा जोर लगाना।
  • पॉटी का बहुत सख्त होना।
  • पेट पूरी तरह साफ न होना।

शरीर में दिखने वाले अन्य जरूरी संकेत

  • पेट में लगातार भारीपन, मरोड़ या दर्द रहना।
  • पेट का हमेशा फूला हुआ महसूस होना (Bloating)।
  • गैस बहुत ज्यादा बनना और भूख कम लगना।
  • कई बार गंभीर स्थिति में पॉटी के रास्ते से खून आना या बहुत तेज दर्द होना।

इससे होने वाली जटिलताएं (Complications)

लंबे समय तक कब्ज को नजरअंदाज करने से शरीर में अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं;

  • बवासीर (Piles/Hemorrhoids)।
  • फिशर (Anal Fissure)।
  • फिकल इम्पैक्शन (Fecal Impaction)।
  • रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse)।

डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

UCLA के एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अगर खान-पान बदलने (जैसे ज्यादा पानी पीने और फाइबर युक्त खाना खाने) के बाद भी आपकी कब्ज ठीक नहीं हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। खासकर तब, जब कब्ज के साथ आपका वजन अचानक कम होने लगे, पॉटी में खून आए या पेट में तेज दर्द हो।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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