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डायबिटीज मरीजों के लिए Daily या Weekly Insulin में बेहतर विकल्प कौन? diabetologist से समझें

Daily vs Weekly Insulin: डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. विपुल अग्रवाल से जानिए Weekly Insulin और Daily Insulin में से कौन सा विकल्प किसके लिए बेहतर रहेगा और क्यों?
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 14, 2026

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भारत में एक नया साप्ताहिक इंसुलिन (Weekly Insulin - Insulin Icodec) आ चुका है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Daily vs Weekly Insulin: जब भी डायबिटीज (शुगर) के किसी मरीज को डॉक्टर कहते हैं कि अब आपको इंसुलिन लेना पड़ेगा, तो उनके मन में सबसे पहला डर यही आता है अब रोज-रोज इंजेक्शन लगाना पड़ेगा? अगर आप भी इसी डर में जी रहे हैं, तो अब आपको साल में 365 दिन सुई चुभाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

भारत में एक नया साप्ताहिक इंसुलिन (Weekly Insulin - Insulin Icodec) आ चुका है, एनसीबीआइ के अनुसार इससे आपको साल में सिर्फ 52 बार ही इंजेक्शन लगाना होगा। तो क्या इसका मतलब यह है कि पुराना रोज वाला इंसुलिन अब बेकार हो गया है? आइए फिजिशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. विपुल अग्रवाल से समझते हैं कि आपके लिए इन दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है।

डेली इंसुलिन (Daily Insulin)

डॉ. अग्रवाल के अनुसार, रोज लिया जाने वाला इंसुलिन (जैसे Glargine, Degludec) दशकों से मरीजों की जान बचा रहा है और डॉक्टर इस पर बहुत सालों से भरोसा करते आ रहे हैं। इसका असर बहुत तय (predictable) होता है। सीडीसी के अनुसार, अगर आपकी शुगर आज अचानक ऊपर-नीचे हो गई, तो डॉक्टर अगले ही दिन इसकी डोज (मात्रा) को बदल सकते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) वाले मरीजों और जिनकी शुगर बहुत ज्यादा घटती-बढ़ती रहती है (unstable शुगर), उनके लिए यह सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इमरजेंसी की स्थिति में जैसे अचानक बुखार आ जाए, कोई इन्फेक्शन हो जाए या अस्पताल में भर्ती होना पड़े, तो इस इंसुलिन की डोज को जरूरत के हिसाब से तुरंत सेट (fine-tuning) करना आसान होता है।

वीकली इंसुलिन (Weekly Insulin)

हफ्ते में सिर्फ एक दिन लगने वाले इस नए इंसुलिन का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इससे सुई का डर कम हो जाता है। आपको बस हफ्ते का कोई एक दिन तय करना है और छह दिन की छुट्टी! साल में जहां 365 इंजेक्शन लगाने पड़ते थे, अब सिर्फ 52 इंजेक्शन लगाने होंगे। जो मरीज रोज की सुई से घबराते हैं, उनके लिए इंसुलिन शुरू करना बहुत आसान हो जाता है। नई वीकली इंसुलिन भी शुगर (HbA1c) को उतने ही अच्छे तरीके से कंट्रोल करती है, जितना डेली इंसुलिन। कुछ मामलों में तो यह बेहतर भी पाई गई है। भारतीय मरीजों पर भी इसका असर बिल्कुल सुरक्षित और डेली इंसुलिन जैसा ही मिला है।

आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर?

डॉ. विपुल अग्रवाल बताते हैं कि सच तो यह है कि दोनों में से कोई भी विकल्प सबके लिए सामान्यतः सूटेबल नहीं हो सकता। मरीज की स्थिति के हिसाब से उसके लिए दो में से कोई एक विकल्प बेहतर साबित होगा। अगर आप नए डायबिटीज मरीज हैं और इंसुलिन से डरते हैं तो आपके लिए Weekly Insulin बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि आप आसानी से इंसुलिन लेने की शुरुआत कर सकते हैं।

अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज है या शुगर लेवल अनियमित रहता है तो आपके लिए Daily Insulin ज्यादा सुरक्षित और सही विकल्प है।

अगर आपकी टाइप 2 डायबिटीज स्थिर (Stable) है और आप रूटीन लाइफ जी रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से दोनों में से कोई विकल्प चुन सकते हैं।

अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं या अस्पताल में भर्ती होने की आशंका रहती है तो Daily Insulin बेहतर है क्योंकि इसमें इंसुलिन की मात्रा में बार-बार बदलाव करना (fine-tuning) आसान होता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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