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Diabetes New Type : टाइप-1 और 2 नहीं, अब टाइप-5 डायबिटीज भी हो रहा, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण

Diabetes New Type: अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (आईडीएफ) ने टाइप-5 डायबिटीज (Type 5 Diabetes) को आधिकारिक मंजूरी दी है। आइए डॉक्टर राहुल यादव (फिजिशियन) से जानते हैं कि यह क्या है Type 5 Diabetes और इसके लक्षण क्या हैं?

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 17, 2026

Diabetes New Type

Diabetes New Type (Image- gemini)

Type 5 Diabetes : डायबिटीज के मरीजों को हमारे समाज में विशेष सम्मान या कहें कि थोड़ी हमदर्दी उनके प्रति दिखाई जाती है। आज एक आम समस्या के रूप में यह आगे बढ़ रही है, वैश्विक ही नहीं भारत में भी इसके मरीजों की संख्या कम नहीं है। लोगों के मन में डायबिटीज को लेकर जो डर है, कहीं न कहीं वह इसकी गंभीरता को दिखाता है।

इसके प्रकारों की बात करें तो टाइप-1 और टाइप-2 लोगों के लिए बिल्कुल आम हो गए हैं। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (आईडीएफ) ने टाइप-5 डायबिटीज (Type 5 Diabetes) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। अब डायबिटीज के कुछ अलग लक्षण भी हैं जिन्हें जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। आइए डॉक्टर राहुल यादव (फिजिशियन) से जानते हैं कि यह क्या है और इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?

क्या है टाइप-5 डायबिटीज?

टाइप-5 डायबिटीज पर बहुत मुश्किल से ही कोई शोध होता है लेकिन फिर भी विशेषज्ञों का मानना है की इससे अनुमानित 25 मिलियन लोग प्रभावित है। विश्व में पहली बार इसका वर्णन 1955 में जमैका में हुआ थे लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकरी नहीं जुटाई गयी थी। डायबिटीज का ये जो नया प्रकार टाइप-5 है ये पोषक तत्वों की कमी से होता है या कहें की कुपोषण से होता है। न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन में चिकित्सा की प्रोफेसर मेरेडिथ हॉकिन्स को इसके दिशा निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

टाइप 5 डायबिटीज के कारण क्या होते हैं?

  • कुपोषण का शिकार (Malnutrition-related) होना।
  • अग्न्याशय (Pancreas) की समस्या।
  • विटामिन और मिनरल्स की लंबे समय तक कमी होना।

टाइप 5 डायबिटीज के लक्षण क्या हो सकते हैं?

  • वजन कम होना।
  • इंसुलिन लेने पर लो-शुगर (Hypoglycemia) की समस्या।
  • शरीर में प्रोटीन की कमी होना।
  • टाइप 1 की तरह ही शुगर लेवल बढ़ना।

डायबिटीज मरीजों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

टाइप 5 डायबिटीज और टाइप 1 डायबिटीज में अंतर करना बेहद जरूरी है। टाइप 1 की तरह भारी मात्रा में इंसुलिन नहीं देना है। शोध बताते हैं कि मौखिक दवाओं (Tablets) के साथ इंसुलिन की बहुत कम मात्रा सबसे प्रभावी होती है। टाइप 5 डायबिटीज की पहचान और उसका सही मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की नई गाइडलाइन्स आने के बाद इसके इलाज में और स्पष्टता आएगी।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।