
बार-बार खुजली टीनिया की हो सकती है असली वजह- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)
Tinea Infection Symptoms: बारिश का मौसम आते ही गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन अपने साथ यह मौसम कई तरह की बीमारियां भी लाता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशान करती है त्वचा की खुजली। अगर आपकी स्किन पर भी गोल-गोल लाल रंग के चकत्ते (निशान) पड़ रहे हैं और उनमें तेज खुजली हो रही है, तो इसे मामूली समझकर छोड़ने की गलती बिल्कुल न करें। जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन (Johns Hopkins Medicine) के अनुसार, यह टीनिया इन्फेक्शन (Tinea Infection) हो सकता है। आइए जानते हैं कि यह क्या है, क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
WHO के अनुसार, टिनिया त्वचा का एक आम फंगल संक्रमण है। यह हमारी त्वचा के ऊपरी हिस्से में पनपता है। इसका नाम रिंगवर्म इसलिए पड़ा क्योंकि जब यह इन्फेक्शन होता है, तो त्वचा पर लाल रंग का एक गोल घेरा (अंगूठी या रिंग जैसा) बन जाता है। इस घेरे के किनारे थोड़े उभरे हुए और लाल होते हैं, जबकि बीच की त्वचा बिल्कुल साफ या सूखी दिखाई देती है। इसमें बहुत तेज खुजली और जलन होती है।
1. टीनिया कैपिटिस (Tinea Capitis)- जब यह सिर की त्वचा (Scalp) पर होता है। इससे सिर में पपड़ी जमने लगती है और उस जगह के बाल झड़ने लगते हैं।
2. टीनिया कॉर्पोरिस (Tinea Corporis)- जब यह हाथ, पैर या पेट जैसी शरीर की मुख्य त्वचा पर होता है।
3. टीनिया पेडिस (Tinea Pedis या Athlete's Foot)- यह पैरों की उंगलियों के बीच में होता है।
4. टीनिया क्रूरिस (Tinea Cruris या Jock Itch)- यह जांघों के बीच या गुप्त अंगों के आसपास होता है, जहां पसीना ज्यादा आता है।
फंगस को पनपने और बढ़ने के लिए दो चीजें सबसे ज्यादा पसंद हैं नमी (Moisture) और गर्मी (Warmth)। बारिश के दिनों में हवा में उमस (Humidity) बहुत ज्यादा होती है। जब हमें पसीना आता है या हम बारिश के पानी में भीग जाते हैं, तो शरीर के कुछ हिस्से (जैसे उंगलियों के बीच, जांघों के पास) लंबे समय तक गीले रह जाते हैं। बस इसी नमी का फायदा उठाकर टीनिया का फंगस तेजी से बढ़ने लगता है।
हां, यह बहुत तेजी से फैलता है! टीनिया एक संक्रामक (Contagious) बीमारी है। यह नीचे दिए गए तरीकों से फैल सकता है;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
14 Jul 2026 02:49 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:49 pm
