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रोज 2-3 घंटे कम सो रहे हैं? वेबएमडी और स्लीप फाउंडेशन के हवाले से समझें शरीर पर कैसे बढ़ सकता है Sleep Debt का बोझ

Sleep Debt Cause: क्या आप भी रोज 2-3 घंटे कम सोते हैं? जानिए वेबएमडी (WebMD) के अनुसार कैसे शरीर पर चुपके से चढ़ जाता है Sleep Debt का कर्ज और इसे चुकाने का सही तरीका क्या है।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 15, 2026

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हमारे शरीर को हर रात एक फिक्स नींद (आमतौर पर 7 से 9 घंटे) की जरूरत होती है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Sleep Debt Symptoms: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात तक फोन चलाना, ऑफिस का काम करना या वेब सीरीज देखना बहुत आम बात हो गई है। हम अक्सर सोचते हैं कि चलो आज सिर्फ 5 घंटे सो लेते हैं, बाकी की नींद वीकेंड (शनिवार-रविवार) को पूरी कर लेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना की यह 2-3 घंटे की कम नींद आपके शरीर पर एक ऐसा कर्ज चढ़ा रही है, जिसे चुकाना बहुत मुश्किल होता है? वेबएमडी के अनुसार, Sleep Debt (नींद का कर्ज) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह स्लीप डेब्ट क्या है और यह आपके शरीर को अंदर ही अंदर कैसे खोखला कर रहा है।

क्या होता है यह Sleep Debt?

स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, जैसे जब आप बैंक से पैसे उधार लेते हैं, तो आपके सिर पर कर्ज (Debt) चढ़ जाता है और उसे ब्याज समेत चुकाना पड़ता है। ठीक वैसे ही, हमारे शरीर को हर रात एक फिक्स नींद (आमतौर पर 7 से 9 घंटे) की जरूरत होती है। मान लीजिए आपके शरीर को रोज 8 घंटे की नींद चाहिए, लेकिन आप किसी वजह से सिर्फ 5 घंटे ही सोए। तो उस एक दिन में आपके शरीर पर 3 घंटे का स्लीप डेट (नींद का कर्ज) चढ़ गया। अगर आप पूरे हफ्ते रोज ऐसे ही 2-3 घंटे कम सोएंगे, तो हफ्ते के आखिर तक यह कर्ज बढ़कर 15 से 20 घंटे का हो जाएगा।

शरीर पर कैसे बढ़ता है इसका बोझ?

  • दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन।
  • फोकस न कर पाना।
  • अचानक झपकी आना (Micro-sleeps)।
  • गंभीर बीमारियों का खतरा।

इस स्लीप डेट (नींद के कर्ज) को कैसे चुकाएं?

  • रोज सिर्फ 15-20 मिनट एक्स्ट्रा सोएं।
  • सोने का एक टाइम फिक्स करें।
  • गैजेट्स से दूरी बनाएं।
  • दिन में लंबी झपकी न लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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