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Diabetes Diet: क्या डायबिटीज में गुड़ खाना सुरक्षित है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Diabetes Diet: अगर आप भी चीनी छोड़कर गुड़ अपना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। आइए डॉक्टर परमेश्वर अरोड़ा (आयुर्वेदिक विशेषज्ञ) से जानते है की डायबिटीज के मरीजों को गुड़ क्यों नहीं खाना चाहिए?

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 09, 2026

diabetes diet

diabetes diet (Image - gemini)

Diabetes Diet: हम लोग मानते है कि चीनी के मुकाबले गुड़ सेहत के लिए अच्छा है, इसलिए डायबिटीज के मरीज बेझिझक इसका सेवन करते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ भी खून में शुगर की मात्रा को उतनी ही तेजी से बढ़ा सकता है जितनी चीनी। अगर आप भी चीनी छोड़कर गुड़ अपना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। आइए डॉक्टर परमेश्वर अरोड़ा (आयुर्वेदिक विशेषज्ञ) से जानते है की डायबिटीज के मरीजों को गुड़ क्यों नहीं खाना चाहिए?

डायबिटीज मरीजों को गुड़ क्यों नहीं खाना चाहिए? (Diabetes Management)

गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा (लगभग 80-85) होता है। इसका मतलब है कि इसे खाते ही खून में ग्लूकोज का स्तर अचानक बढ़ जाता है। गुड़ में लगभग 65% से 85% तक सुक्रोज होता है। डायबिटीज में शरीर सुक्रोज को जल्दी पचा नहीं पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बिगड़ जाता है। कैलोरी के मामले में गुड़ और चीनी में बहुत कम अंतर है। ज्यादा गुड़ खाने से वजन बढ़ सकता है, जो डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए खतरनाक है।

गुड़ खाने से डायबिटीज मरीजों के शरीर पर क्या असर होता है? (Blood Sugar Spikes)

इंसुलिन की कमी के कारण शरीर गुड़ से मिलने वाली शुगर को कंट्रोल नहीं कर पाता, जिससे अचानक कमजोरी या चक्कर आने की समस्या हो सकती है। ज्यादा गुड़ खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जो कब्ज या पेट की अन्य समस्याओं का कारण बनती है। लगातार बढ़ा हुआ शुगर लेवल आंखों, किडनी और दिल की सेहत पर बुरा असर डालता है।

डायबिटीज मरीज मीठे के लिए क्या खाएं? (Natural Sweeteners)

  • अमरूद, पपीता या जामुन जैसे फल खाएं।
  • अखरोट या कद्दू के बीज खाएं।
  • स्टीविया (Stevia)।
  • चाय या दही में दालचीनी पाउडर मिलाकर लें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।