
विटामिन C की गोलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)
Vitamin C Supplement Risks: भागदौड़ भरी जिंदगी और कमजोर इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के इस दौर में सप्लीमेंट्स खाना एक फैशन बन गया है। खासकर कोरोना काल के बाद से, 'विटामिन सी' (Vitamin C) की लिम्सी (Limcee) या चबाने वाली गोलियां (Chewable Tablets) लगभग हर घर की मेडिकल किट का हिस्सा बन चुकी हैं। लोग त्वचा पर चमक लाने, सर्दी-खांसी से बचने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के रोज महीनों तक ये गोलियां खाते रहते हैं।
लेकिन क्या रोज विटामिन सी की गोलियां खाना वाकई सुरक्षित है? इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. टी. पी. शर्मा से समझते हैं कि विटामिन सी की गोलियां रोज खाना कितना सही है और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं।
डॉ. टी. पी. शर्मा के अनुसार, विटामिन सी हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह एक 'वॉटर-सुल्युबल' (पानी में घुलनशील) विटामिन है, जिसका मतलब है कि हमारा शरीर इसे खुद नहीं बना सकता और न ही इसे लंबे समय तक स्टोर करके रख सकता है।
डॉ. शर्मा बताते हैं, "एक सामान्य वयस्क पुरुष को रोजाना लगभग 90 मिलीग्राम (mg) और एक महिला को लगभग 75 मिलीग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है। यदि कोई व्यक्ति रोज एक संतरा, एक अमरूद, एक कीवी या केवल दो नींबू भी अपने आहार में शामिल कर ले, तो उसके शरीर की दैनिक जरूरत आसानी से पूरी हो जाती है।" बाजार में मिलने वाली अधिकांश विटामिन सी की गोलियां 500mg से लेकर 1000mg तक की होती हैं, जो हमारी जरूरत से कई गुना ज्यादा हैं।
चूंकि विटामिन सी पानी में घुलनशील है, इसलिए जब हम ज्यादा मात्रा में इसे लेते हैं, तो हमारा शरीर अतिरिक्त विटामिन को यूरिन (पेशाब) के रास्ते बाहर निकाल देता है। लेकिन डॉ. टी. पी. शर्मा चेतावनी देते हैं कि रोज लगातार 1000mg या 2000mg से ज्यादा विटामिन सी की गोलियां खाना शरीर के अंगों पर भारी दबाव डालता है, जिससे ये 3 बड़ी समस्याएं हो सकती हैं:
जब शरीर अतिरिक्त विटामिन सी को तोड़ता है, तो वह ऑक्सालेट (Oxalate) नाम का एक बाय-प्रोडक्ट बनाता है। यह ऑक्सालेट यूरिन के रास्ते बाहर निकलता है। लेकिन जब शरीर में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तो यह कैल्शियम के साथ मिलकर किडनी में क्रिस्टल बनाने लगता है, जो आगे चलकर किडनी स्टोन (पथरी) का रूप ले लेते हैं।
रोजाना भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स लेने से पेट की अंदरूनी परत प्रभावित होती है। डॉ. टी. पी. शर्मा के अनुसार, विटामिन सी की ओवरडोज से पेट में ऐंठन, भयंकर एसिडिटी, गैस, जी मिचलाना और दस्त (Diarrhea) की समस्या आम बात है।
विटामिन सी हमारे भोजन से आयरन (लोहे) को सोखने में मदद करता है। लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा विटामिन सी की गोलियां खा रहे हैं, तो शरीर बहुत अधिक मात्रा में आयरन सोखने लगता है। शरीर में अत्यधिक आयरन जमा होने से लिवर, दिल और पैनक्रियाज को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
डॉ. टी. पी. शर्मा कहते हैं, "विटामिन सी की गोलियां केवल उन लोगों के लिए हैं जिनमें इसकी भारी कमी हो, या जो किसी बीमारी से उबर रहे हों। एक स्वस्थ व्यक्ति को कृत्रिम गोलियों के बजाय नींबू, आंवला, संतरा, मौसमी, शिमला मिर्च और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना चाहिए। यदि आपको सप्लीमेंट लेना भी है, तो बिना डॉक्टर की सलाह और ब्लड टेस्ट के इसे 2-3 हफ्ते से ज्यादा लगातार न खाएं।"
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
26 May 2026 05:35 pm
Published on:
26 May 2026 05:31 pm
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