स्वास्थ्य

हैल्दी हार्ट के लिए जरूरी है मोटिवेशन

एक्सपर्ट की मानें तो हार्ट डिजीज होने के कई कारण हैं लेकिन महत्वपूर्ण कारणों में शरीर को आराम न देना, तनावपूर्ण जीवन, असंतुलित खानपान, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि न करना है। इन बातों का ध्यान रखा जाए तो हृदय रोगों की आशंका 70-80 फीसदी तक कम हो सकती है।
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Sep 29, 2019
हैल्दी हार्ट के लिए जरूरी है मोटिवेशन
हैल्दी हार्ट के लिए जरूरी है मोटिवेशन

हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर के दूसरे हिस्सों में ब्लड को पहुंचाने वाली धमनियों में खून पंप करता है। इसमें खराबी होने पर हमारी जान पर बन आती है। एक्सपर्ट की मानें तो हार्ट डिजीज होने के कई कारण हैं लेकिन महत्वपूर्ण कारणों में शरीर को आराम न देना, तनावपूर्ण जीवन, असंतुलित खानपान, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि न करना है। इन बातों का ध्यान रखा जाए तो हृदय रोगों की आशंका 70-80 फीसदी तक कम हो सकती है। इसलिए रोजाना एक-डेढ़ घंटे अपने लिए जरूर निकालें। हैल्दी हार्ट के लिए खुद को मोटिवेट करें। इसके लिए जो भी अच्छी आदतें हैं उन्हें नियमित करूंगा।

हार्ट डिजीज से शरीर पर दुष्प्रभाव
हार्ट बीट यानी दिल की धड़कन अनियंत्रित होने से शरीर की क्षमता कमजोर होने लगती है। मरीज के चलने की क्षमता, शरीर की ऊर्जा और शारीरिक संतुलन पर भी असर पडऩे लगता है। अधिक उम्र के मरीजों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक की भी आशंका बढ़ जाती है। वहीं, हृदय रोगों के कारण दिमाग और किडनी जैसे प्रमुख अंगों की कार्यप्रणाली खराब होने लगती है। हार्ट की समस्या होने पर इसका असर जबड़े, हाथों और गले पर भी पड़ता है। साथ ही शरीर के अंगों को ब्लड सप्लाई सही नहीं होने से उनका फंग्सन सही नहीं रहता है। सेल्स डैमेज होने लगते हैं।

आइसोमेट्रिक नहीं, ऐरोबिक्स करें
आमतौर पर दो तरह की एक्सरसाइज की जाती हैं, ऐरोबिक्स और आइसोमेट्रिक। ऐरोबिक्स में दौडऩे व उछलकूद करने के अलावा वॉक, स्टे्रचिंग आदि शामिल हैं जबकि आइसोमेट्रिक में वजन उठाना, बॉडी बिल्डिंग एक्टिविटी होती हंै। थोड़ी कठिन एक्सरसाइज होने के कारण हृदय रोगी को यह नहीं करनी चाहिए। हार्ट डिजीज में ऐरोबिक्स उपयोगी होती है। करीब 45 मिनट की ऐरोबिक्स सप्ताह में 4-5 दिन नियमित करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
29 Sept 2019 06:23 pm