स्वास्थ्य

Mpox Alert: हर जिले के एंट्री पॉइंट पर सख्त स्क्रीनिंग, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Mpox Alert: मंकी पॉक्स को लेकर देश भर में एडवाइजरी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

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Aug 29, 2024
Monkeypox Prevention: Entry Point Screenings Launched in Every District

Mpox Alert: मंकी पॉक्स को लेकर देश भर में एडवाइजरी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं और प्रदेश के सभी जनपदों के एंट्री प्वाइंट्स पर मरीजों की स्क्रीनिंग का आदेश दिया है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकी पॉक्स (Mpox) को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा घोषित की है। संदिग्ध रोगियों की पहचान, सैंपल कलेक्शन तथा उपचार के निर्देश दिए गए हैं। सैंपल राज्य संदर्भन प्रयोगशाला (डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी, केजीएमयू) को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संंबंध में राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर (18001805145) जारी किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में प्वाइंट ऑफ एंट्री पर भी मरीजों को लेकर सर्विलांस प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

Mpox से ग्रसित रोगी के संपर्क में आने से भी यह रोग हो सकता है

मंकी पॉक्स (Mpox) बीमारी इन दिनों अफ्रीका में तेजी से फैल रही है। अफ्रीका से बाहर भी इसके कुछ मामले आये हैं। शरीर पर दाने, तेज बुखार, अधिक कमजोरी, लकिसा ग्रंथियों में सूजन मंकीपॉक्स (Mpox) के प्रारंभिक लक्षण हैं। यह अपने-आप ठीक होने वाली बीमारी है जिसके लक्षण दो-चार सप्ताह तक बने रह सकते हैं। समय पर उचित देखभाल एवं इलाज जरूरी है। मंकीपॉक्स से ग्रसित रोगी के संपर्क में आने से भी यह रोग हो सकता है। हालांकि देश में मंकीपॉक्स (Mpox) का आखिरी मामला मार्च 2024 में केरल में मिला था। उस मरीज का विदेश जाने का इतिहास था।

Mpox सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 अगस्त को इस बीमारी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया था। दुनिया भर में इस साल मंकीपॉक्स के 16 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं और 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि जब तक फफोले पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते और फफोलों वाली त्वचा की जगह नई त्वचा नहीं आ जाती तब तक व्यक्ति को संक्रमण मुक्त नहीं माना जा सकता। ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

Mpox (Monkeypox) के लक्षण और बचाव के तरीके

लक्षण (Symptoms):

  1. बुखार (Fever): शुरुआत में तेज बुखार हो सकता है।
  2. सिरदर्द (Headache): तेज सिरदर्द होना आम बात है।
  3. मांसपेशियों में दर्द (Muscle Aches): शरीर की मांसपेशियों में दर्द महसूस हो सकता है।
  4. थकान (Fatigue): थकान और कमजोरी महसूस होना।
  5. सूजी हुई लिम्फ नोड्स (Swollen Lymph Nodes): गले, गर्दन, और जांघों में लिम्फ नोड्स का सूजन।
  6. त्वचा पर दाने (Rashes on Skin): बुखार के 1-3 दिन बाद चेहरे से शुरू होकर शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हाथ, पैर, और शरीर पर दाने निकल सकते हैं। दाने आमतौर पर पानी से भरे होते हैं जो समय के साथ पपड़ी बन जाते हैं।

बचाव के तरीके (Prevention Tips):

  1. संक्रमित व्यक्तियों से दूर रहें: किसी भी व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचें जो संक्रमित हो सकता है।
  2. स्वच्छता बनाए रखें: नियमित रूप से हाथ धोएं और सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  3. चोटिल त्वचा के संपर्क से बचें: त्वचा पर कट या घाव होने पर उसे ढक कर रखें।
  4. संक्रमित जानवरों से बचें: जंगली जानवरों या उनके मृत शरीर के संपर्क से बचें, विशेषकर वे जो बंदरों, चूहों, या अन्य जंगली जानवरों से जुड़े हों।
  5. दूषित वस्तुओं से दूर रहें: संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर, या अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं के संपर्क में न आएं।
  6. टीकाकरण (Vaccination): अगर संभव हो तो, मंकीपॉक्स के खिलाफ टीकाकरण कराएं, खासकर अगर आप उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में रहते हैं या यात्रा कर रहे हैं।
  7. मास्क पहनें और सुरक्षात्मक कपड़े: भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मास्क पहनें और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, विशेषकर अगर आपको संक्रमण का जोखिम है।

इन लक्षणों को पहचान कर और इन बचाव के तरीकों का पालन कर, आप Mpox के संक्रमण से खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकते हैं।

--आईएएनएस

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