स्वास्थ्य

MUST KNOW : नवजात को जन्म के कुछ दिन बाद होता है दो तरह का पीलिया

सामान्यत: बच्चों को जन्म के बाद पीलिया की शिकायत देखने में आती है फिजियोलॉजिकल जॉन्डिस की बजायदूसरे तरह का पीलिया गंभीर होता है। इसके लक्षणों पर ध्यान देने और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है।
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Jun 19, 2020
MUST KNOW

सामान्यत: बच्चों को जन्म के बाद पीलिया की शिकायत देखने में आती है। इसमें जो सामान्य पीलिया होता है उसे फिजियोलॉजिकल जॉन्डिस कहते हैं। दूसरे तरह का पीलिया गंभीर होता है। इसके लक्षणों पर ध्यान देने और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है।
शिशु को पानी कब पिलाना चाहिए : कुदरत ने मां के दूध के रूप में संपूर्ण आहार शिशु के लिए बनाया है। सामान्य परिस्थितियों में छह माह तक उसे सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए। इसके अलावा शिशु को कोई भी दूसरी चीजें नहीं देनी चाहिए। इस अवधि तक बच्चों को न तो घुट्टी दें और न ही शहद और ग्राइप वाटर ही दें। इसके बाद सेमी सॉलिड चीजें दे सकते हैं।
ऐसे पहचानें लक्षण
1- यदि जन्म के 24 घंटे में बच्चे को पीलिया हो रहा है तो नॉर्मल नहीं माना जाता है।
2- यदि पीलिया का असर शिशु की जांघों से नीचे पैरों या तलवों तक आ रहा है तो चिंता की बात होती है।
3- यदि जन्म के 15 दिन तक पीलिया बना हुआ है तो यह सामान्य नहीं है। जरूरी जांचें व पूर्ण इलाज कराना चाहिए।
एक्सपर्ट : डॉ. कनक रमनानी, बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. बीआर मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
19 Jun 2020 10:39 pm