महिलाओं के शरीर में एक उम्र के बाद एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है जिससे मेनोपॉज होता है। इससे उनमें तनाव, चिड़चिड़ापन, थकान, मोटापा, सिरदर्द, बदनदर्द और बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होने लगती हैं। उन्हें बात-बात पर गुस्सा आता है। महिलाओं के शरीर में एक उम्र के बाद एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है जिससे मेनोपॉज होता है। इससे उनमें

महिलाओं में तनाव, चिड़चिड़ापन, थकान, मोटापा, सिरदर्द, बदनदर्द और बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होने लगती हैं। उन्हें बात-बात पर गुस्सा आता है। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं पौष्टिक व संतुलित खानपान व व्यायाम जरूरी है।
42-45 की उम्र में पीरियड्स होने बंद
महिलाओं में 42-45 की उम्र में पीरियड्स होने बंद हो जाते हैं और उनकी प्रजनन क्षमता खत्म हो जाती है। इस दौरान खानपान पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। कैल्शियम से भरपूर डाइट में दूध, दही, ब्रोकली, सेम, अंजीर आदि चीजों को शामिल करें। इनसे हड्डियां मजबूत रहती हैं और आगे चलकर जोड़ों के दर्द की समस्या नहीं होती है। ज्यादातर महिलाओं में इसके बाद ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होती है। फाइबर फूड जैसे पत्तागोभी, ब्रोकली, काबुली चने, राजमा, मसूर व अरहर की दाल अधिक मात्रा में लें। मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें।
नियमित व्यायाम करें
नियमित व्यायाम से कई तरह के हार्मोन रिलीज होते हैं। इससे मोटापे के अलावा हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका घटती है। एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होने से नींद भी अच्छी आती है।
परेशानी को शेयर करें
मेनोपॉज के दौरान महिलाएं अपने लुक को लेकर तनाव में आ जाती हैं। इसके लिए किताबें पढ़े, बागवानी करें, घूमें, पसंदीदा काम करें। किसी तरह की परेशानी को अपने दोस्त के साथ जरूर शेयर करें।
एक्सपर्ट : डॉ. लता राजौरिया, स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ, जनाना हॉस्पिटल, जयपुर