
New AI Tool Forecasts Future Health Risks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आज हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। मेडिकल फील्ड भी इससे अछूता नहीं है। अब इलाज, टेस्ट और डायग्नोसिस में भी AI का रोल अहम होता जा रहा है। इसी बीच ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अनोखा AI टूल बनाया है, जो किसी इंसान की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और आदतों के आधार पर यह बता सकता है कि आने वाले 20 साल में उसे कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
इस नए AI मॉडल का नाम है Delphi-2M। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक बीमारी का अनुमान नहीं लगाता, बल्कि एक बार में 1258 बीमारियों का रिस्क बता सकता है। अभी तक डॉक्टरों को हर बीमारी के लिए अलग-अलग टेस्ट कराने पड़ते थे, लेकिन Delphi-2M से एक ही रिपोर्ट में सब कुछ मिल सकता है।
Delphi-2M दरअसल एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर आधारित है, जो उसी तकनीक पर काम करता है जिस पर ChatGPT बना है। यह जनरेटिव प्री-ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर (GPT) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसे ब्रिटेन के 4 लाख लोगों के मेडिकल डाटा पर ट्रेन किया गया है। इसमें व्यक्ति की उम्र, जेंडर, बॉडी मास इंडेक्स (BMI), धूम्रपान या शराब पीने की आदतों जैसी जानकारी को शामिल करके भविष्य का हेल्थ ट्रैक तैयार किया जाता है।
यह टूल कैंसर, दिल की बीमारी, स्किन डिजीज, इम्यून सिस्टम की दिक्कतें और कई अन्य क्रॉनिक बीमारियों का पहले से ही अनुमान लगा सकता है। इतना ही नहीं, यह सिर्फ यह नहीं बताता कि बीमारी होगी या नहीं, बल्कि यह भी बताता है कि कब हो सकती है और कितना खतरा है। इससे डॉक्टर समय रहते मरीज को लाइफस्टाइल सुधारने और प्रिवेंटिव इलाज शुरू करने की सलाह दे सकते हैं।
रिसर्च में पाया गया है कि Delphi-2M की भविष्यवाणियां पहले से मौजूद AI हेल्थ टूल्स से कहीं ज्यादा सटीक हैं। जहां दूसरे मॉडल्स केवल एक बीमारी का अनुमान लगाते हैं, वहीं यह कई बीमारियों का एक साथ सही अनुमान देता है। यहां तक कि यह उन मशीन लर्निंग मॉडल्स से भी बेहतर साबित हुआ है जो सिर्फ बॉयोमार्कर्स की जांच के आधार पर बीमारियों का पता लगाते हैं।
हालांकि अभी यह AI टूल सिर्फ UK के डाटा पर आधारित है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे-जैसे और देशों से हेल्थ डाटा मिलेगा, इसे और बेहतर बनाया जा सकेगा। भविष्य में यह तकनीक पूरी दुनिया में मेडिकल साइंस और डायग्नोसिस के तरीके को बदल सकती है।