स्वास्थ्य

Acne risk: जेनेटिक रिस्क बन सकता है एक्ने —पिंपल्स का एक मुख्य कारण , सामने आ सकतें हैं कई अन्य थेरेपी

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की एक्ने का आपके जेनेटिक म्यूटेशन से क्या संबध है। साथ ही इसको खत्म करने के क्या नए तरीके हो सकते हैं।
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Updated: 9 Feb 2022, 12:44 PM IST
New possible therapies from acne risk gene discover
Acne risk: जेनेटिक रिस्क बन सकता है एक्ने —पिंपल्स का एक मुख्य कारण , सामने आ सकतें हैं कई अन्य थेरेपी

एक्ने और मुंहासे से सभी लोग परेशान हैं । इसी को लेकर हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है । जिससे कई प्रकार की जानकारी सामने आई हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी विषय में पूरी जानकारी देंगे।वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी और दूषित तत्त्व व कण चेहरे पर रोमछिद्रों में जम जाते हैं। धीरे-धीरे ये कील-मुहांसों का रूप लेने लगते हैं। ऐसी त्वचा संबंधी समस्या के मामले युवाओं में अधिक देखने को मिलते हैं।

हमारे खान पान का भी पढ़ता है असर
जंकफूड में इस्तेमाल होने वाले तेल चेहरे के लिए नुकसानदायक होते हैं। कोई फास्ट फूड खाता है तो उसमें मौजूद तेल, रोमछिद्रों से होकर चेहरे की अन्य गं्रथियों में पहुंच जाता है। ऐसा होने पर चेहरे की मांसपेशियों पर भी बुरा असर पड़ता है।

वैज्ञानिकों ने मुँहासे के आनुवंशिकी पर एक अध्ययन पूरा किया है, जिसने स्थिति को प्रभावित करने वाले जीनोम के 29 प्लेस की पहचान की है। ये अनुवांशिक अंतर्दृष्टि उपचार के लिए संभावित नए लक्ष्य प्रदान करती हैं। वे चिकित्सकों को गंभीर बीमारी के उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करने में भी मदद कर सकते हैं।

शोध ने दुनिया भर के रोगियों के नौ जीनोम वाइड एसोसिएशन अध्ययन डेटासेट का विश्लेषण किया। इन अध्ययनों में पूरे जीनोम को 20,165 लोगों को स्कैन करना शामिल था जिन्हें मुँहासे थे और 595,231 लोग जिन्हें नहीं था। अध्ययन ने 29 नए अनुवांशिक रूपों की पहचान की जो मुँहासे वाले लोगों में अधिक आम हैं। इसने 17 में से 14 वैरिएंट की भी पुष्टि की जो पहले से ही इस स्थिति से जुड़े होने के लिए जाने जाते हैं। यह ज्ञात वेरिएंट की कुल संख्या को 46 तक लाता है।

शोध में मुँहासे के अनुवांशिक जोखिम और बीमारी की गंभीरता के बीच एक लिंक भी पाया गया। जिन व्यक्तियों में सबसे अधिक आनुवंशिक जोखिम होता है उनमें गंभीर बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। जबकि आगे के शोध की आवश्यकता है, यह खोज शुरुआती हस्तक्षेप के लिए गंभीर बीमारी के जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करने की क्षमता को बढ़ाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
9 Feb 2022, 12:44 PM IST
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