
महीनों से बंद सामान की सफाई करते समय उड़ने वाली धूल से लगातार छींके और आंखों में जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Dust Allergy Diwali: हर साल जब दीये और रोशनी का त्योहार नजदीक आता है, तो घरों में एक अलग ही हलचल शुरू हो जाती है। कोनों-कोनों से जाले साफ करना, महीनों से बंद पड़े सामान को बाहर निकालना हमारी परंपरा का हिस्सा बन चुका है। लेकिन इस उत्साह के पीछे एक छिपा हुआ खतरा भी होता है, जिस पर अक्सर हमारा ध्यान नहीं जाता। क्या आपने कभी गौर किया है कि सफाई शुरू करते ही लगातार छींकें आने लगती हैं, नाक बंद हो जाती है, आंखों में जलन होने लगती है या सीने में भारीपन महसूस होने लगता है? महीनों से बंद कमरों और परतों में जमी धूल सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि एलर्जी, बैक्टीरिया और फंगस का घर होती है। आइए जानते हैं कि कैसे आप बिना बीमार पड़े अपने घर को चमका सकती हैं, किन बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है और कब आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब हम लंबे समय से बंद अलमारियों, सोफे के पीछे की जगहों या पुराने स्टोर रूम की सफाई करते हैं, तो वहां जमा धूल हवा में तैरने लगती है। इस धूल में सिर्फ मिट्टी नहीं होती, बल्कि डस्ट माइट्स (सूक्ष्म कीट), फंगस के बीजाणु, और पुराने पालतू जानवरों के बाल तक शामिल हो सकते हैं। जब ये चीजें हमारी सांस के जरिए शरीर के अंदर जाती हैं, तो इम्यून सिस्टम इन्हें दुश्मन मानकर रिएक्ट करता है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा और इम्यूनोलॉजी (American College of Allergy, Asthma & Immunology / ACAAI) के मुताबिक, जल्दबाजी में सीधे झाड़ू उठा लेना आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। सफाई से पहले कुछ पक्की तैयारियां बेहद जरूरी हैं;
सफाई में मास्क और दस्ताने पहनने का भी एक सही तरीका होता है। साधारण कपड़ा या रुमाल धूल के बारीक कणों को नहीं रोक पाता। इसके लिए N95 मास्क सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह धूल, बैक्टीरिया और फंगस के सूक्ष्म कणों को आपके फेफड़ों तक जाने से रोकता है। पुराने सामान, कोने के जाले और केमिकल वाले क्लीनर्स का इस्तेमाल करते समय हाथों में रबर या सर्जिकल ग्लव्स जरूर पहनें। इससे हाथों की त्वचा रूखी होने, फटने या केमिकल एलर्जी से बची रहती है। सफाई करते समय गंदे हाथों से बार-बार अपनी आंख, नाक या चेहरे को न छुएं। काम पूरा होने के बाद मास्क और दस्ताने उतारकर साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
सफाई खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि आपका काम पूरा हो गया। इसके बाद शरीर और घर दोनों की डीप केयर जरूरी है;
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कई बार घरेलू उपाय और सावधानियां बरतने के बाद भी शरीर पर एलर्जी हावी हो जाती है। यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो जरा भी देर न करें और तुरंत चिकित्सक के पास जाएं;
त्योहार खुशियों का पैगाम लेकर आते हैं, और सेहत दुरुस्त रहेगी तभी आप इनका असली आनंद ले पाएंगे। सफाई जरूरी है, लेकिन अपनी सांसों और सेहत की कीमत पर नहीं। किसी भी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर या क्लीनिकल एक्सपर्ट से सलाह लें। सुरक्षित रहें और अपनों के साथ एक स्वस्थ दिवाली मनाएं।
Published on:
2 Nov 2026, 7:00 AM IST
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