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Red Eye Causes: आंख लाल होने के पीछे हो सकते हैं ये 6 कारण, Mayo Clinic से जानें लक्षण और बचाव की जानकारी

Red Eye Symptoms: Mayo Clinic, CDC और AAO के अनुसार आंख लाल होने के पीछे ड्राई आई, एलर्जी, संक्रमण, कॉन्टैक्ट लेंस और अन्य कारण हो सकते हैं। जानें कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
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भारत

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Dimple Yadav

Jun 29, 2026

Red Eye Symptoms Red Eye Causes in Hindi

आंख लाल होने के कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी (photo- freepik)

Red Eye Symptoms: सुबह उठकर आईने में देखा और आंख लाल नजर आई? या ऑफिस में पूरे दिन लैपटॉप पर काम करने के बाद आंखों में लालपन और जलन महसूस होने लगी? अक्सर लोग इसे नींद की कमी, थकान या देर तक मोबाइल चलाने का असर मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता।

Mayo Clinic के मुताबिक, आंख लाल होना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। यह कई अलग-अलग समस्याओं का संकेत हो सकता है। कभी इसकी वजह मामूली एलर्जी होती है, तो कभी संक्रमण या आंख की कोई ऐसी समस्या, जिसे तुरंत इलाज की जरूरत होती है। इसलिए अगर लालपन बार-बार हो रहा है या इसके साथ दर्द और धुंधला दिखना भी शुरू हो जाए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

  1. आंख की सतह पर जलन या सूखापन

आजकल घंटों मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन देखने की आदत आम हो गई है। लंबे समय तक स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की नमी कम होने लगती है। Mayo Clinic के अनुसार, आंखों का सूखापन (Dry Eye) भी लालपन, जलन और चुभन की वजह बन सकता है। कई लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे आंख में रेत का कोई कण फंसा हो।

  1. Conjunctivitis यानी आंख का संक्रमण

अगर आंख लाल होने के साथ पानी आ रहा है, चिपचिपा डिस्चार्ज निकल रहा है या सुबह उठते समय पलकों का चिपक जाना महसूस हो, तो इसकी वजह Conjunctivitis (Pink Eye) हो सकती है। CDC के अनुसार, यह संक्रमण वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी, तीनों कारणों से हो सकता है। वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण कई बार दूसरे लोगों में भी फैल सकते हैं। इसलिए तौलिया, रुमाल या आई मेकअप जैसी चीजें साझा करने से बचना चाहिए।

  1. आंखों की एलर्जी भी हो सकती है वजह

अगर आंख लाल होने के साथ लगातार खुजली भी हो रही है, तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है। American Academy of Ophthalmology (AAO) के मुताबिक, धूल, परागकण (Pollen), पालतू जानवरों के बाल या धुएं जैसी चीजें आंखों में एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में आंखों से पानी आना और बार-बार आंख मलने की इच्छा होना भी आम बात है।

  1. कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल

कई लोग जरूरत से ज्यादा देर तक कॉन्टैक्ट लेंस लगाए रखते हैं या उनकी सफाई का सही ध्यान नहीं रखते। AAO के अनुसार, ऐसा करने से आंख में जलन, लालपन और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अगर लेंस पहनने के बाद आंख लाल हो जाए, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. आंख की नस फटना भी हो सकती है वजह

कभी-कभी बिना दर्द के आंख के सफेद हिस्से पर चमकीला लाल धब्बा दिखाई देता है। यह आंख की छोटी रक्त वाहिका फटने की वजह से हो सकता है। Mayo Clinic के अनुसार, तेज खांसी, जोर लगाने, छींक आने या अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से भी ऐसा हो सकता है। ज्यादातर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

  1. आंख की गंभीर बीमारी का भी हो सकता है संकेत

हर लाल आंख सामान्य नहीं होती। कुछ मामलों में यह आंख के अंदर सूजन, कॉर्निया की समस्या या आंख के दबाव (Glaucoma) जैसी गंभीर स्थिति का भी संकेत हो सकती है। Mayo Clinic और AAO दोनों सलाह देते हैं कि अगर लाल आंख के साथ तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई दे, रोशनी चुभने लगे या अचानक देखने की क्षमता कम होने लगे, तो बिना देर किए नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

कब डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए?

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें-

  • आंख में तेज दर्द होना।
  • धुंधला या कम दिखाई देना।
  • रोशनी से परेशानी होना।
  • आंख से पीला या हरा डिस्चार्ज निकलना।
  • लालपन कई दिनों तक बना रहना।
  • आंख में कोई केमिकल चला जाना या चोट लगना।

आंखों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

  • बार-बार आंखों को हाथ से न रगड़ें।
  • स्क्रीन पर काम करते समय हर 20 मिनट बाद कुछ सेकंड के लिए दूर देखें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस की सफाई और इस्तेमाल के नियमों का पालन करें।
  • तौलिया, आई मेकअप और आई ड्रॉप किसी के साथ साझा न करें।
  • आंखों में लगातार लालपन या दर्द हो तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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