
नई दिल्ली। सबके शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। एक गुड कोलेस्ट्रॉल जिसे एचडीएल और दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल जिसे एलडीएल के नाम से जाना जाता है। दोनों ही कोलेस्ट्रॉल की मात्रा क नियंत्रित करना बहुत ही जरूरी हो जाता है। आपको बता दें कि स्वस्थ रहने के लिए शरीर में नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 mg/dL या इससे कम होनी चाहिए। बॉर्डर लाइन कोलेस्ट्रॉल 200 से 239 mg/dL के बीच और हाई कोलेस्ट्रॉल 240mg/dL होना चाहिए। वहीं, गुड कोलेस्ट्रॉल हमारे कोरोनरी हार्ट डिसीज और स्ट्रोक को रोकने में हमारी मदद करता है। अनियमित जीवनशैली और सही खानपान न होने के कारण दिल बीमारियों का खतरा भी बढ़ता लगातार बढ़ता जा रहा है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण
अनहेल्दी डाइट
अक्सर लोग कई बार अपने खानपान पर ध्यान नहीं देते और जो भी मन करता है खाने का वो खा लेते हैं। ऐसे ही आप जाने-अनजाने में कुछ ऐसा सेवन कर लेते हैं जो आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाता है। इसलिए आप कोशिश करें कि ऐसी डाइट का सेवन न करें जिसमें काफी ज्यादा मात्रा में फैट मौजूद हो। इससे आपका मोटापा भी बढ़ सकता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी बढ़ोत्तरी होगी।
जेनेटिक
कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा होना इसका एक कारण जेनेटिक भी है। अगर आपके परिवार में पहले से किसी को कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहने की समस्या है तो ये आपमें भी हो सकती है।
आलस
जो लोग अक्सर सिर्फ खाने पर ध्यान देते हैं और एक्टिव नहीं रहते ये समस्या उनके लिए भी है। कुछ लोगों की आदत होती है वो अपने आपको पूरी तरह से आलसी बना लेते हैं जिसकी वजह से वो एक्टिव नहीं रह पाते, जो एक समय पर आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने का एक मुख्य कारण है।