
गर्मी शुरू होते ही नाक से खून आना यानी नकसीर की परेशानी होती है। इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए? अनुराग सोलंकी व अन्य
नकसीर को मेडिकल भाषा में नोज ब्लीड कहते हैं। गर्मी में गर्म हवाओं से नाक के अंदर की सतह सूखने से खून की नलियां फट जाती हैं। यह बीपी के मरीजों में अधिक होता है। तत्काल बीपी की जांच कराएं।
अन्य कारण
साइनस, संक्रमण या फिर सर्दी-जुकाम की दवाओं से भी नाक की सतह सूख जाती है। सिर में चोट लगने से भी ऐसा हो सकता है। यदि लंबे समय से समस्या बनी है तो ब्लड कैंसर या ट्यूमर के भी लक्षण हो सकते हैं। बार-बार नकसीर आती है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
आगे झुककर बैठें
नकसीर आने पर आगे की ओर झुककर बैठें ताकि खून नाक में न चला जाए। फिर दोनों नथुनों को कम से कम 10 मिनट तक हाथों से दबाएं। नाक, गालों और माथे पर बर्फ रगड़ें। बर्फ नहीं है तो ठंडे पानी की रूई लगाएं। फिर भी नहीं रूक रही है तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाएं।
डॉ. दीपांशु गुरनानी, ईएनटी सर्जन, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर