
इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक व एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। सर्दी में खाने की सलाह दी जाती है। खांसी, कान का दर्द, बुखार और त्वचा की समस्याओं में भी राहत देता है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को गर्म बनाए रखता है। प्याज में फाइबर और प्री-बायोटिक्स होता है जो आंत को स्वस्थ रखता है। प्री-बायोटिक्स शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में सुधार करने में मदद कर सकता है, जो मजबूत हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। लाल प्याज में फ्लेवोनॉइड होता है, फैट जमने नहीं देता है।
हींग के उपयोग से माहवारी में कम होता है पेडू का दर्द
हीं ग न केवल पाचक का काम करता है बल्कि यह प्राकृतिक दर्दनाशक भी है। पेट और सिरदर्द में इसको हल्का गर्म करके लेप करने से लाभ मिलता है। दांत दर्द होने पर इसे नींबू की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर प्रभावित दांत पर लगा सकते हैं। माहवारी के दौरान ज्यादातर महिलाओं के पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत होती है। इसमें एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी में दें। हींग का इस्तेमाल श्वसन नाल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। अगर आपको बलगम या फिर छाती में दर्द की शिकायत है तो इसे ले सकते हैं या लेप लगाएं।