स्वास्थ्य

प्लेटलेट्स दान से बचाएं जान- अंतरराष्ट्रीय काशी घाट वॉक का देव दीपावली पर अनूठा जागरूकता अभियान

डेंगू के प्रकोप से मरीजों की बढ़ती संख्या और उनके लिए प्लेटलेट्स की भारी कमी को देख बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. वीएन मिश्र ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। काशी की अनूठी संस्था अंतरराष्ट्रीय घाट वॉक ने इस बार देव दीपावली के मौके पर प्लेटलेट्स जागरूकता अभियान चलाएगी। सोमवार को देव दीपावली के मौके पर देश भर से काशी आने वाले लोगों को प्लेटलेट्स दान के लिए संस्था से जुड़े लोग प्रेरित करेंगे।
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Updated: 6 Nov 2022, 10:31 PM IST
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बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. वीएन मिश्र की पहल पर प्लेलेट्स जागरूकता अभियान चलेगा

काशी की समृद्धि संस्कृति और प्राचीन विरासत से परिचित कराने के लिए प्रोफेसर्स, डॉक्टर्स और अन्य प्रबुद्ध जनों की संस्था अंतरराष्ट्रीय काशी घाट वॉक की ओर से इस बार सोमवार को देव दीपावली पर प्लेटलेट्स दान के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह पहल बीएचयू के प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. विजयनाथ मिश्र ने की है। प्लेटलेट्स दान के जरिए, डेंगू के बढ़ते प्रकोप से जीवन और मौत से जूझ रहे लोगों की रक्षा की अपील की जाएगी। प्रत्येक वर्ष संस्था की ओर से सामाजिक क्षेत्र में अनूठे प्रयास किए जाते हैं, इसी कड़ी में इस बार डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्लेटलेट्स दान अभियान चलाया जाएगा।

घाटों पर चलेगा जागरूकता अभियान

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने बताया कि देव दीपावली पर देश भर से काशी में आने वाली जनता को जागरूक करने के लिए गाय घाट, पंचगंगा घाट, क्षेमेश्वर घाट और निषाद घाट पर पर कटआउट लगाकर जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा की स्वस्थ व्यक्ति हर सप्ताह प्लेटलेट्स दान कर सकते है। बशर्ते प्लेटलेट्स दान के पूर्व कुछ नियम है उसका पालन जरूरी है। ब्लड और प्लेटलेट्स दान करने से किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है।

शतकीय दान करने वाले होंगे सम्मानित

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने बताया की शतकीय प्लेटलेट्स दान करने वाले योद्धाओं को काशी घाट वॉक क्षमेश्वर घाट पर सम्मानित करेगा। साथ ही इस जागरूकता अभियान से ज्यादा से ज्यादा समाजसेवी युवाओं को जोड़ने का काम करेगा ताकि भविष्य में मरीजों को तत्काल राहत दिलाने में मदद मिले। गौरतलब है कि प्रो. विजयनाथ मिश्र की पहल पर काशी की प्राचीन संस्कृति और घाटों के महत्व से रूबरू कराने के लिए चार वर्ष पूर्व घाट वॉक नामक पहल की गई। काशी के हर वर्ग के संभ्रांत जन इस पहल से जुड़ चुके हैं। रोजना सभी लोग वॉक के लिए एकत्र होने के साथ काशी की विरासत के संरक्षण के साथ देश-दुनिया के महत्व के विषयों पर चर्चा करते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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