
हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर महिलाओं में 12 से 15.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर और पुरुषों में 13.5 से 17.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर होता है। इसमें कमी से एनीमिया की दिक्कत होती है। पॉलिसिथीमिया वेरा बीमारी में भी हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ जाता है।
रोग : शरीर का बोनमैरो जब जरूरत से ज्यादा लाल रुधिर कोशिकाएं बनाने लगता है तो रक्त गाढ़ा होकर क्लॉट, हार्टअटैक और स्ट्रोक का कारण बनता है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर में फैलकर गंभीर रूप लेती है। इसलिए इसके लक्षण एकदक से सामने नहीं आते।
लक्षण : लक्षणों की पहचान तुरंत नहीं होती है। इसमें काफी समय लग जाता है। शुरुआत में कमजोरी और थकान महसूस होती है। सामान्यत: ब्लड टेस्ट कराने पर ब्लड सेल्स की बढ़ी हुई संख्या रोग की ओर इशारा करती है। आमतौर पर सिरदर्द, आंख में डबल विजन, शरीर में खुजली, कमजोरी, वजन घटना, सांस लेने में दिक्कत आम लक्षण हैं।
कारण : इस बीमारी का एक ही प्रमुख कारण है- शरीर में जीन्स का सही तरीके से काम न करना। इस कारण यह आनुवांशिक वजह भी बन जाती है।
इलाज : अतिरिक्त रक्त बाहर निकालने के अलावा दवाओं की हल्की खुराक देते हैं और खुजली रोकने के लिए थैरेपी दी जाती है।