Pomegranate Heart Benefits: Cardiff University की स्टडी में खुलासा अनार से बनने वाला Urolithin A दिल की नसों को मजबूत कर सकता है। जानें कैसे मिलता है फायदा।
Pomegranate Heart Benefits: दिल की बीमारियों से बचने के लिए हम अक्सर हेल्दी डाइट की बात करते हैं, और अनार (Pomegranate) का नाम जरूर आता है। अब एक नई रिसर्च ने बताया है कि अनार का असली फायदा सीधे फल से नहीं, बल्कि हमारी आंत (gut) में बनने वाले एक खास कंपाउंड से मिलता है। यह स्टडी जर्नल Antioxidants में पब्लिश हुई है, जिसमें Cardiff University के वैज्ञानिकों ने यह अहम खोज की है।
रिसर्च के मुताबिक, जब हम अनार खाते हैं तो उसमें मौजूद प्यूनिकलागिन (punicalagin) नाम का पोषक तत्व सीधे शरीर में ज्यादा अवशोषित (absorb) नहीं होता। लेकिन हमारी आंत के अच्छे बैक्टीरिया इसे तोड़कर यूरोलिथिन A (Urolithin A) नाम का कंपाउंड बनाते हैं। यही कंपाउंड खून में जाकर दिल और नसों (arteries) को हेल्दी रखने में मदद करता है।
रिसर्च में पाया गया कि Urolithin A कई तरह से दिल की सुरक्षा करता है। नसों में जमा होने वाली चर्बी (plaque) को कम करता है। सूजन (inflammation) को घटाता है। प्लाक को मजबूत बनाता है ताकि वो फटे नहीं, प्लाक फटने से ही हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। यानी यह कंपाउंड दिल के लिए प्रोटेक्टर की तरह काम करता है।
वैज्ञानिकों ने लैब में मानव कोशिकाओं (cells) और चूहों पर इस कंपाउंड का असर देखा। 12 हफ्तों के बाद पाया गया कि जिनमें Urolithin A दिया गया, उनमें प्लाक छोटा और कम खतरनाक था। सूजन कम थी। नसें ज्यादा मजबूत दिखीं। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि यह फायदा कोलेस्ट्रॉल कम किए बिना भी मिला।
रिसर्च के लीड वैज्ञानिक Dipak Ramji के मुताबिक, “फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी आंत के बैक्टीरिया कितनी अच्छी तरह Urolithin A बनाते हैं।” यानी हर व्यक्ति को अनार खाने से एक जैसा फायदा नहीं मिलेगा।
यह रिसर्च बताती है कि सिर्फ हेल्दी खाना ही काफी नहीं, बल्कि हमारा gut health भी उतना ही जरूरी है। अगर भविष्य में इंसानों पर भी ऐसे ही नतीजे मिलते हैं, तो यह कंपाउंड दिल की बीमारियों के इलाज में मददगार बन सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।