
कोविड के बाद से इस तरह के मरीजों की संख्या हॉस्पिटल्स में बढ़ गई है। यह मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम इन चाइल्ड (एमआइएस-सी) हो सकता है।
एमआइएस-सी लक्षण
पिछले 24 घंटे या इससे अधिक समय से बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर पर रेशेज, पेट में दर्द और थकान रहती है। बच्चों में ये सभी लक्षण कोरोना के बाद दिखाई देते हैं। इसकी जांच कोविड आरटी पीसीआर टेस्ट के साथ सीबीसी, लिवर फंग्शन टेस्ट, ईएसआर, ईको आदि जांचें की जाती है। इसमें तत्काल इलाज लें।
हृदय पर भी होता है असर
ऐसे बच्चों का इलाज तीन-पांच दिन तक हॉस्पिटल में भर्ती कर किया जाता है। इलाज में देरी होती है तो बच्चों के हृदय पर असर पड़ सकता है। धमनियों में सूजन से हार्ट फेल्योर की आशंका हो जाती है। लिवर और किडनी पर भी असर पड़ता है।
इनका रखें विशेष ध्यान
छोटे बच्चों में कोरोना के कम ही लक्षण दिखते हैं। अगर फैमिली में पिछले एक-दो माह में किसी को कोरोना हुआ है तो भी बच्चों की एक माह तक मॉनिटरिंग करें। लक्षण दिखते हैं तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।