Reduce uric acid in winter: सर्दियों में बढ़ते यूरिक एसिड से लोग परेशान नजर आते हैं। उन्हें अक्सर पता नहीं होता है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। यदि आप सर्दियो में यूरिक एसिड को कंट्रोल करना चाहते हैं तो ये आयुर्वेदिक अपना सकते हैं।
Reduce uric acid in winter: आज के समय में खराब लाइफस्टाइल कई बीमारियां लेकन आ रही है। सर्दियों में यूरिक एसिड की समस्या ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। सर्दियों में चाय, कॉफी और भोजन का अत्यधिक सेवन होता है, जबकि शारीरिक गतिविधियाँ लगभग नगण्य होती हैं, जिससे रक्तचाप, शुगर और यूरिक एसिड का स्तर (Reduce uric acid in winter) बढ़ जाता है। उच्च प्रोटीन आहार और सर्दियों में कम पानी पीने से भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ता है, जिससे किडनी की समस्याएँ और स्ट्रोक-हार्ट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
कई लोग इस समस्या से उत्पन्न होने वाली पीड़ा को सहन नहीं कर पाते और लंबे समय तक दवाइयों का सेवन करते हैं। दवाइयों के सेवन के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिलती।
यदि आप यूरिक एसिड की समस्या से ग्रस्त हैं, तो आपको दाल, पनीर, दूध, चीनी, शराब, तली हुई वस्तुएं और टमाटर का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।
सर्दियों में यूरिक एसिड के स्तर (Reduce uric acid in winter) को नियंत्रित करने के लिए सेब का सिरका, लौकी का जूस, हरी सब्जियां, अजवाइन और अलसी का उपयोग करें। इसके साथ ही, आप खट्टी छाछ, चने की दाल, मूली, पत्थरचट्टा के पत्ते और जौ का आटा भी शामिल कर सकते हैं।
यूरिक एसिड का अधिकांश भाग किडनी द्वारा छानकर मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकलता है। सामान्यतः शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा 3.5 से 7.2 mg/dL के बीच होनी चाहिए। यदि यूरिक एसिड का उत्पादन इससे अधिक होता है या किडनी इसे सही तरीके से छान नहीं पाती, तो रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड हड्डियों के बीच जमा हो जाता है, जिससे गाउट की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त, यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
अदरक में सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट विशेषताएँ होती हैं, जो शरीर में यूरिक एसिड के स्तर (Reduce uric acid in winter) को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। यह रक्त संचार को सुधारता है और यूरिक एसिड को तोड़कर उसे शरीर से बाहर निकालने में सहायक होता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।