
क्या है शोध :
शोधकर्ताओं ने 97 विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों और कृत्रिम रूप से मिठास वाली 12 ड्रिंक का अध्ययन में पाया कि इसमें प्रयुक्त शुगर आंतों में फैट, ब्लड शुगर के स्तर और सूजन को तेजी से बढ़ा सकती है। इसके पीछे सोडा और फलों में कीटनाशकों का प्रयोग को भी वजह बताया है। सॉफ्ट ड्रिंक और कैंसर के बीच संबंध का पता लगाने वाली यह पहली रिसर्च है। पेय कंपनियां कम या बिना शुगर, पैकेज के आकार और स्पष्ट कैलोरी वाली जानकारी के साथ अधिक विकल्प प्रदान करने के लिए काम कर रही हैं। इसके अलावा उसमें प्रयुक्त तत्वों के बारे में जानकारी देने से बचती हैं।
एक्सपर्ट कमेंट
इस तरह के ड्रिंक हाई कैलोरी व शुगर वाले होते हैं। इसमें कार्सिनोजेनिक और प्रिजर्वेटिव भी होता है। यह सेहत के लिए नुकसानदेय होते हैं। यह दांतों, आंतों को नुकसान पहुंचाते हैं। माइग्रेन, याददाश्त में कमी, इमोशनल डिसऑर्डर, सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। यह शरीर में टॉक्सिंस को भी बढ़ाते हैं। इसे पीने से बचना चाहिए।
एक्सपर्ट : डॉ. विशाल गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर