PM 2.5 pollution in India : ये बेहद छोटे कण वाहनों के धुएं, उद्योगों और फसल जलाने से उत्पन्न होते हैं, जो हमारे फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। एक शोध के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 15 लाख मौतें पीएम 2.5 की वजह से हो रही हैं।
Rising PM 2.5 Levels in Air: हमारे देश में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। इस बिगड़ती हवा में छिपा एक खतरनाक दुश्मन है – PM 2.5। ये बेहद सूक्ष्म कण न सिर्फ हमारे घरों में घुस आते हैं, बल्कि हमारे फेफड़ों तक भी पहुंच जाते हैं। एक नए शोध के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 15 लाख लोगों की मौत PM 2.5 के कारण हो रही है।
PM 2.5 बेहद छोटे कण होते हैं जो वाहनों के धुएं, उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण, और फसल जलाने से पैदा होते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि इनसे बच पाना लगभग नामुमकिन है।
पीएम 2.5 एक गंभीर समस्या है जिस पर हमें तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अगर हमने समय रहते कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में स्थिति और भी खराब हो सकती है। हमें सभी को मिलकर इस समस्या से लड़ना होगा और अपने देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना होगा।