Ross Friedman Death cause ALS : 'द डिक्टेटर्स' (The Dictators) और 'मैनोवर' (Manowar) जैसे दिग्गज बैंड्स के संस्थापक गिटारवादक रॉस "द बॉस" फ्रीडमैन (Ross "The Boss" Friedman) का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इनकी मौत का कारण एक दुर्लभ और भयंकर बीमारी - ALS बताया जा रहा है।
Ross Friedman Dead at 72 ALS Diagnosis : कहा जा रहा है कि संगीत जगत के लिए ये बेहद बुरी खबर है। 'द डिक्टेटर्स' (The Dictators) और 'मैनोवर' (Manowar) जैसे दिग्गज बैंड्स के संस्थापक गिटारवादक रॉस "द बॉस" फ्रीडमैन (Ross "The Boss" Friedman) का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इनकी मौत का कारण एक दुर्लभ और भयंकर बीमारी - ALS बताया जा रहा है। इस बीमारी से पिछले माह (फरवरी 2026) में एक्टर एरिक की मौत (Eric Dane Dies After ALS) हुई थी।
"अत्यंत गहरे दुख के साथ हम ब्रोंक्स के अपने रॉस 'द बॉस' फ्रीडमैन के निधन की घोषणा करते हैं, जिन्होंने ALS (एमियोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस) से लंबी जंग के बाद कल रात अंतिम सांस ली।
एक महान गिटारवादक और प्यारे पिता के रूप में, उनके संगीत और उनकी जीवंतता ने दुनिया भर के प्रशंसकों पर उतना ही गहरा प्रभाव डाला, जितना गहरा प्रभाव आपने उन पर डाला था। हम उस प्यार और समर्थन के लिए आभारी हैं जो आप सभी ने उनके पूरे करियर और विशेष रूप से इन पिछले कुछ महीनों में दिखाया है।
उनका संगीत उनके लिए सब कुछ था और उनका गिटार उनकी जीवन-वायु (सांस) था। इस कपटी बीमारी ने उनसे वह सब छीन लिया।
'द डिक्टेटर्स', 'मैनोवर', 'रॉस द बॉस बैंड' और अन्य सहयोगों के साथ उनकी विरासत हमारे दिलों और कानों में हमेशा जीवित रहेगी।"
रॉस लंबे समय से एमीयोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) नामक एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी मृत्यु की पुष्टि उनके परिवार और बैंड के सदस्यों ने सोशल मीडिया के माध्यम से की।
रॉस को उनके शक्तिशाली गिटार रिफ्स और हेवी मेटल संगीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने 1970 के दशक में न्यूयॉर्क के पंक रॉक बैंड 'द डिक्टेटर्स' की स्थापना की थी। इसके बाद 1980 में उन्होंने 'मैनोवर' बैंड बनाया, जिसने "पावर मेटल" (Power Metal) शैली को एक नई पहचान दी।
एमीयोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस ALS (Amyotrophic Lateral Sclerosis) जैसी लाइलाज बीमारी पर एक बार फिर से चर्चा शुरू हुई है। इसे 'लू गेरिंग्स डिजीज' (Lou Gehrig's disease) भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की तंत्रिका कोशिकाओं (Nervous system) को प्रभावित करती है।
इस बीमारी से धीरे-धीरे मांसपेशियों पर नियंत्रण खत्म हो जाता है, जिससे चलने, बोलने, खाने और अंत में सांस लेने में भी कठिनाई होने लगती है। इस तरह से शरीर की शक्ति खत्म हो जाती है।