
BCG Vaccine Scar: सारा तेंदुलकर की एक फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सारा के हाथ पर एक निशान दिखाई दे रहा है, जिसे नेटिजन्स बचपन में लगाए जाने वाले BCG (Bacillus Calmette-Guérin) वैक्सीन का निशान बता रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि BCG वैक्सीन क्यों लगाई जाती है, किसे इसकी जरूरत हो सकती है, इसे कैसे लगाया जाता है और टीका लगने के बाद शरीर में किस तरह के बदलाव हो सकते हैं।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, BCG वैक्सीन खासतौर पर बच्चों को टीबी के गंभीर रूपों, जैसे TB meningitis यानी दिमाग को प्रभावित करने वाली टीबी, से बचाने में उपयोगी है। वहीं, मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, BCG वैक्सीन टीबी से 100 प्रतिशत सुरक्षा नहीं देती। इसलिए वैक्सीन लगने के बाद भी टीबी से संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क से बचना जरूरी है।
NHS के अनुसार, यह मुख्य रूप से उन लोगों को दी जाती है, जिनमें टीबी होने का जोखिम अधिक होता है। नवजात बच्चों को BCG वैक्सीन की सलाह दी जा सकती है, अगर वे ऐसे क्षेत्र में रहते हैं, जहां टीबी का जोखिम अधिक है या उनका किसी ऐसे व्यक्ति के साथ नियमित करीबी संपर्क रहा है, जिसे टीबी है या पहले हो चुकी है। इसके अलावा, कुछ बड़े बच्चों, टीबी के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और टीबी के अधिक जोखिम वाले देशों में लंबे समय तक रहने वाले कुछ यात्रियों को भी BCG वैक्सीन की जरूरत हो सकती है।
BCG वैक्सीन भारत के बच्चों के लिए चलाए जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। इसकी एक खुराक जन्म के समय हर बच्चे को दी जाती है। BCG का डोज बांह के ऊपरी हिस्से में इंजेक्शन लगा कर दिया जाता है।
BCG वैक्सीन के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर बदलाव होना सामान्य हो सकता है। NHS के अनुसार, बीसीजी का टीका लगाया लगाने के बाद निशान पड़ना इस बात का संकेत है कि टीका सही से लगा है। टीका लगने के बाद उस जगह लाल रंग का मक्के के दाने जैसा निशान बनता है, जो बाद में आम भाषा में बात करें तो पक जाता है और उसमें मवाद भर जाती है। इसके बाद वहां पपड़ी बन सकती है और इसे ठीक होने में कुछ सप्ताह या कुछ महीने लग सकते हैं।
कहा जाता है कि टीके वाली जगह पर उभरे दाने का पकना और मवाद आना एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो यह बताती है कि टीका काम कर रहा है।
BCG वैक्सीन के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर घाव, पस जमा होना, त्वचा का छिलना या लिम्फ नोड्स में सूजन जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं। Mayo Clinic के अनुसार, कुछ मामलों में बुखार, खांसी, त्वचा पर रैश या हड्डियों में दर्द बढ़ने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं NHS के अनुसार, BCG के अन्य साइड इफेक्ट आमतौर पर हल्के और कम देखने को मिलते हैं। इनमें बुखार, सिरदर्द और इंजेक्शन वाली तरफ बगल में लिम्फ ग्लैंड्स की सूजन शामिल हो सकती है। इसके अलावा गंभीर एलर्जिक रिएक्शन और इंजेक्शन वाली जगह पर पस का फोड़ा (abscess) भी साइड इफेक्ट के रूप में हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।